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Code : 56612
Date of publication : 31/7/2014 22:54
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जनरल क़ासिम सुलैमानी के बयान पर इस्राईल की हवा ख़राब।

जाने माने अरब विश्लेषक नें फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध के समर्थन पर आधारित ईरान की सिपाहे पासदाराने क़ुद्स ब्रिगेड के कमाण्डर के संदेश को इस्राईल के भयभीत होने का कारण बताया है।


जाने माने अरब विश्लेषक नें फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध के समर्थन पर आधारित ईरान की सिपाहे पासदाराने क़ुद्स ब्रिगेड के कमाण्डर के संदेश को इस्राईल के भयभीत होने का कारण बताया है। तस्नीम न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार अरब लेखक और विश्लेषक अब्दुल बारी अतवान नें लंदन से प्रकाशित होने वाले अख़बार अलराये अल यौम के लिखे गए अपने लेख में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध के नाम ईरान की सिपाहे पासदाराने इन्क़ेलाबे इस्लामी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमाण्डर जनरल क़ासिम सुलैमानी के संदेश और हमास आंदोलन की फ़ौजी शाखा क़स्साम बिग्रेड के कमाण्डर के ख़त की तरफ़ इशारा करते हुए लिखा है कि यह दो क़दम न केवल ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के वहशियाना हमले के मुक़ाबले में बड़े परिवर्तन की शुरुवात हैं, बल्कि यह दो क़दम ताक़त के तालमेल और इलाक़े के राजनीतिक, भौगोलिक और फ़ौजी नक़्शे को भी बदल सकते हैं। अब्दुल बारी अतवान नें लिखा है कि जनरल सुलैमानी का संदेश, मोहम्मद अल ज़ीफ़ का ख़त एक समय में सामने आया और फ़िलिस्तीनी के प्रतिरोध के हवाले से ईरान का पूरी तरह से समर्थन और आंदोलन को बिना हथियारों वाला होने के विरोध का कारण बना है। उन्होंने लिखा कि ईरान नें अगर किसी का समर्थन किया है तो वह अपने समर्थक का पूरी तरह से बचाव करता है और कभी भी उसका साथ नहीं छोड़ता है।


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