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Date of publication : 25/7/2014 23:56
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ईरान में विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर रैलियों में उमड़ी भीड़।

विश्व क़ुद्स दिवस पर राजधानी तेहरान सहित ईरान के 770 शहरों में रैलियों का आयोजन हुआ जिसमें दसियों लाख की संख्या में ईरानी जनता ने भाग लेकर ग़ज़्ज़ा सहित फ़िलिस्तीन की पीड़ित जनता के समर्थन पर बल देते हुए ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के युद्ध अपराध पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के मौन की भर्त्सना की।
विश्व क़ुद्स दिवस पर राजधानी तेहरान सहित ईरान के 770 शहरों में रैलियों का आयोजन हुआ जिसमें दसियों लाख की संख्या में ईरानी जनता ने भाग लेकर ग़ज़्ज़ा सहित फ़िलिस्तीन की पीड़ित जनता के समर्थन पर बल देते हुए ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के युद्ध अपराध पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के मौन की भर्त्सना की।
विश्व क़ुद्स दिवस पर तेहरान में आयोजित रैली में इस्लामी गणतंत्र ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों सहित राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने भाग लिया। ईरानी राष्ट्रपति ने इस वर्ष के क़ुद्स दिवस को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए ज़ायोनी शासन के हमलों को मानवता के विरुद्ध षड्यंत्र और जनसंहार बताया और कहा कि पूरे इस्लामी जगत को चाहिए कि आज एक आवाज़ में इस बात की घोषणा करें कि वह इस्राईल के विरुद्ध एक और दृढ़ हैं और उससे घृणा करते हैं।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि क़ुद्स धार्मिक दृष्टि से क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि से भी ईरानी जनता के लिए बहुत अहमियत रखता है, कहा कि विश्व क़ुद्स दिवस पर ईरानी जनता की उपस्थिति इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के दृष्टिकोण व आदेश को व्यवहारिक बनाने के लिए और इस अर्थ में भी है कि दुनिया वालों को बताएं कि मस्जिदुल अक़्सा मुसलमानों का पहला क़िबला है, फ़िलिस्तीन मुसलमानों की भूमि है, इस भूमि और इससे फ़िलिस्तीनियों के विस्थापित होने की घटना कभी भुलाई नहीं जा सकती।
विश्व क़ुद्स दिवस की रैली में ईरान की न्यायपालिका के अध्यक्ष आयतुल्लाह सादेक़ी आमुली लारीजानी और विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़, भी उपस्थित हुए।
मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने रैली में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्राईल के हालिया अपराध ने विश्व समुदाय के सामने प्रतिक्रिया न देने के लिए कोई बहाना नहीं छोड़ा है, इसलिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को चाहिए कि अब और चुप रह कर अपनी प्रतिष्ठा को दांव पर न लगाएं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को चाहिए कि वह इस्राईल के युद्ध एवं मानवता विरोधी अपराधों से कड़ाई से निपटे।
विश्व क़ुद्स दिवस की रैली में भाग लेने वालों ने एक घोषणापत्र जारी किया जिसमें मानवाधिकार संगठनों, इस्लामी सहयोग संगठन के सदस्य देशों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से अपील की कि अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के अधिकारियों के युद्ध अपराधों की निंदा में लचीला दृष्टिकोण अपनाने से बचें और इस संदर्भ में गंभीर क़दम उठाएं। 
विश्व क़ुद्स दिवस के घोषणापत्र में इस बात पर बल देते हुए कि ग़ज़्ज़ा में इस्राईल के अपराध, जनसंहार एवं युद्ध अपराध का स्पष्ट उदाहरण हैं, कहा गया है कि ईरानी राष्ट्र ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी गुटों के बीच एकता को पवित्र क़ुद्स की आज़ादी और ज़ायोनियों को फ़िलिस्तीन की पवित्र भूमि से बाहर निकालने के लिए सबसे ज़रूरी समझता है।


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