हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 55947
تاریخ انتشار : 20/7/2014 2:0
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ऐसा कमांडर जिसके नाम से अमरीका के उच्च अधिकारी भी डरते हैं।

ईरान के प्रमुख कमांडर क़ासिम सुलैमानी का नाम उन लोगों के लिये अनजान नहीं है जो मध्यपूर्व के हालात का अध्ययन करते हैं। वास्तव में क़ासिम सुलैमानी का नाम अक्सर अमरीकी मीडिया जैसे फ़ॉक्स न्यूज़, वाशिंगटन पोस्ट, सीबीएस न्यूज़ और गार्डियन में छाया रहता है और पेंटागन के उच्च अधिकारी उसका नाम सुनने से डरते हैं।


फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक अमरीकी न्यूज़ के हवाले से बयान किया है कि ईरान के प्रमुख कमांडर क़ासिम सुलैमानी का नाम उन लोगों के लिये अनजान नहीं है जो मध्यपूर्व के हालात का अध्ययन करते हैं। वास्तव में क़ासिम सुलैमानी का नाम अक्सर अमरीकी मीडिया जैसे फ़ॉक्स न्यूज़, वाशिंगटन पोस्ट, सीबीएस न्यूज़ और गार्डियन में छाया रहता है और पेंटागन के उच्च अधिकारी उसका नाम सुनने से डरते हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार जनरल सुलैमानी ने अमरीका के विरूद्ध अफ़ग़ानी सेना की मदद की थी और इसी तरह वह हिज़्बुल्लाह लेबनान की भी मदद करते रहे हैं।
अमरीकी न्यूज़ ने लिखा है कि ईरान या ईरान के बाहर कोई भी अमरीका और इस्राईल के विरूद्ध क़ासिम सुलैमानी की महत्वपूर्ण भूमिका को नहीं नकार सकता हैं। क़ासिम सुलैमानी उस हस्ती का नाम है कि जिसे ईरान के सुप्रीम लीडर ने भी बधाई दी है जबकि ईरान में लाखों ऐसे लोग हैं जो आयतुल्लाह ख़ामेनई की आवाज़ पर जान देने को तैयार रहते हैं।
यह न्यूज़ एजेंसी लिखती है कि क़ासिम सुलैमानी ऐसी हस्ती है कि जिसके बार में सीआईए अफ़सर जॉन मेग्यूर ने कहा था कि मध्य पूर्व में सुलैमान सबसे शक्तिशाली खुफिया ताक़त है।
इस न्यूज़ एजेंसी ने आख़िर में लिखा है कि आयतुल्लाह ख़ामेनई के अकसर मानने वालों कि निगाह में जनरल सुलैमानी एक बहुराष्ट्रीय हीरो है जो अमेरिका और इस्राईल के वर्चस्व के खिलाफ़ संघर्ष कर रहा है।




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