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Date of publication : 13/7/2014 0:17
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अगर परमाणु वार्ता नाकाम हुई तो पश्चिमी देश होंगे ज़िम्मेदार।

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के एक सदस्य ने कहा है कि अमरीका तथा पश्चिमी देशों की विशिष्टता प्राप्त करने की नीति के कारण ही गुट पांच धन एक साथ वार्ता में अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला है। ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के एक सदस्य ने कहा है कि अमरीका तथा पश्चिमी देशों की विशिष्टता प्राप्त करने की नीति के कारण ही गुट पांच धन एक साथ वार्ता में अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला है।
मुहम्मद हसन आसफ़री ने कहा कि वार्ता का जारी रहना और किसी सहमति तक पहुंचने में विलंब, पश्चिम के हित में नहीं है क्योंकि यूरेनियम संवर्धन के लिए ईरान को गुट पांच धन एक से कोई प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि परमाणु वार्ता में ईरान की उपस्थिति, केवल पारदर्शिता और विश्वास बहाली के लिए है। आसफ़री ने कहा कि उचित यह है कि वार्तापक्ष ईरान के बारे में धमकी, प्रतिबंध और दबाव के स्थान पर सम्मान और वार्ता को प्राथमिकता दें। 
उन्होंने कहा कि यदि दबाव और धमकियों का कोई परिणाम निकलता तो 35 वर्षों के दौरान पश्चिम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर चुका होता। मुहम्मद हसन आसफ़री ने कहा कि निश्चित रूप से ईरान ने न तो कभी दबाव स्वीकार किया है और न ही वह इसे स्वीकार करेगा।
ज्ञात रहे कि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच वियना में 2 जुलाई से परमाणु वार्ता का छठा चरण आरंभ हुआ है। इसकी समय सीमा 20 जुलाई निर्धारित की गई है।


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