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Date of publication : 12/7/2014 3:28
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अपनी सबसे पसंदीदा चीज़ से दुश्मनी न करो।

पैग़म्बरे इस्लाम (स) के महान सहाबी अबूज़र के पास एक ख़त आया। उन्होंने उसे खोला और पढ़ा। ख़त बहुत ही दूर से आया था। एक इंसान ने ख़त के माध्यम से उनसे नसीहत व उपदेश करने की अपील की थी। वह उन लोगों में से था जो अबूज़र को पहचानता था और यह भी जानता था कि पैग़म्बरे इस्लाम (स), अबूज़र पर ख़ास ध्यान देते हैं। अबूज़र ने इस ख़त के जवाब में छोटी सी बात लिखी। वह छोटी सी बात यह थी कि जिस चीज़ को तुम सबसे ज़्यादा चाहते हो उससे बुराई व दुश्मनी न करो।

पैग़म्बरे इस्लाम (स) के महान सहाबी अबूज़र के पास एक ख़त आया। उन्होंने उसे खोला और पढ़ा। ख़त बहुत ही दूर से आया था। एक इंसान ने ख़त के माध्यम से उनसे नसीहत व उपदेश करने की अपील की थी। वह उन लोगों में से था जो अबूज़र को पहचानता था और यह भी जानता था कि पैग़म्बरे इस्लाम (स), अबूज़र पर ख़ास ध्यान देते हैं। अबूज़र ने इस ख़त के जवाब में छोटी सी बात लिखी। वह छोटी सी बात यह थी कि जिस चीज़ को तुम सबसे ज़्यादा चाहते हो उससे बुराई व दुश्मनी न करो। अबूज़र ने यह ख़त उस इंसान की ओर रवाना कर दिया। उस इंसान को जब ख़त मिला और उसने खोलकर पढ़ा तो उसकी समझ में कुछ नहीं आया। उसने ख़ुद से कहा इसका क्या मतलब है? इसका क्या मक़सद है? क्या यह संभव है कि कोई इंसान किसी चीज़ को चाहे और वह भी दिल की गहराईयों से और उसके साथ बुराई करे? न केवल बुराई नहीं करेगा बल्कि उसके क़दमों में जान व माल की बलि चढ़ा देगा।
दूसरी ओर उसने ख़ुद यह सोचा कि यह बात लिखने वाला इंसान कोई और नहीं अबूज़र है जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती, कोई विकल्प नहीं है उन्हीं से इसके विवरण की मांग की जाए, इसमें कोई बात छिपी है। उसने दोबारा उन्हें ख़त लिखा और अपनी बातों की व्याख्या करने की मांग की। अबूज़र ने जवाब में लिखा कि तुम्हारे क़रीब सबसे पसंद और सबसे पसंदीदा इंसान से मेरा मक़सद, तुम ख़ुद ही हो, कोई दूसरा नहीं है। तुम ख़ुद को हर इंसान से ज़्यादा चाहते हो, इसीलिए तुमसे कहा कि अपनी सबसे पसंदीदा चीज़ से दुश्मनी न करो, अर्थात ख़ुद से दुश्मनी भरा व्यवहार न करो। क्या तुम नहीं जानते कि इंसान जो भी अशोभनीय या कोई बुरा काम करता है, इसका सीधा नुक़सान उस पर पड़ता है और नुक़सान उसका पल्लू नहीं छोड़ता है। इस तरह से पैग़म्बरे इस्लाम के महान साथी अबूज़र ने अपने सूक्षम, प्रभावी और दिल में जगह बना लेने वाले बयान से उस इंसान को गुनाह और बुरे काम से रोक दिया।


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