हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 54948
تاریخ انتشار : 6/7/2014 16:1
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बहरैन में मस्जिदें गिराई जा रही हैं और मध्यपूर्व का सबसे बड़ा चर्च बनाने की तैयारी।

बहरैन में आले खलीफा सरकार ने मध्य पूर्व में सबसे बड़ा चर्च बनाने के लिए तीस लाख डॉलर आवंटित किए हैं। ऑले खलीफा सरकार जो देश में शिया मस्जिदों और इमाम बारगाहों को ध्वस्त कर रही है, अपनी जाहिलाना भेदभावपूर्ण नीतियों को जारी रखते हुए मध्य पूर्व में सबसे बड़ा चर्च बनाने की कोशिश कर रही है।
अहलेबैत अ. समाचार एजेंसी. अबनाः बहरैन में आले खलीफा सरकार ने मध्य पूर्व में सबसे बड़ा चर्च बनाने के लिए तीस लाख डॉलर आवंटित किए हैं। ऑले खलीफा सरकार जो देश में शिया मस्जिदों और इमाम बारगाहों को ध्वस्त कर रही है, अपनी जाहिलाना भेदभावपूर्ण नीतियों को जारी रखते हुए मध्य पूर्व में सबसे बड़ा चर्च बनाने की कोशिश कर रही है।
बहरैन के राजा हम्द बिन ईसा बिन आले ख़लीफा ने सरकारी तौर पर इस चर्च के लिये नौ हजार वर्ग मीटर ज़मीन उपहार में दी है। ऑल ख़लीफा सरकार बहरैन को कैथोलिक ईसाई पादरियों का केंद्र बनाना चाहती है। गौरतलब है बहरैन में एक लाख से कम ईसाई हैं और उनमें भी अधिकतर भारतीय, श्रीलंकाई, फिलीपाईनी और पाकिस्तानी मजदूर हैं।
गौरतलब है आले खलीफा ने देश में शिया सुन्नी मतभेद फैलाने के लिए शिया विरोधी किताबें प्रकाशित की हैं और उन्हें मुफ्त वितरित किया है। इन किताबों में शिया मुसलमानों अपमान किया गया है। आले खलीफा के नौकरों ने पिछले तीन वर्षों में लगातार शिया धार्मिक स्थलों पर हमले किए हैं और दर्जनों मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया है जबकि बहरैन में 70% से ज़्यादा शिया आबादी है।


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