हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 54695
تاریخ انتشار : 2/7/2014 14:25
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बहरैन में रोज़ेदारों पर हमला।

बहरैन की अल-विफ़ाक़ राजनीतिक पार्टी के सीनियर लीडर नें आले ख़लीफ़ा के हाथों रोज़ेदार नमाज़ियों पर हमले की आलोचना की है।
बहरैन की अल-विफ़ाक़ राजनीतिक पार्टी के सीनियर लीडर नें आले ख़लीफ़ा के हाथों रोज़ेदार नमाज़ियों पर हमले की आलोचना की है।
रिपोर्ट के अनुसार कि बहरैन की अल-विफ़ाक़ राजनीतिक पार्टी के सीनियर लीडर हादी अल मूसवी नें रोज़ेदार नमाज़ियों पर हमले की आलोचना करते हुए कहा है कि आले ख़लीफ़ा नें अपने नौकरों से ढ़हाई जा चुकी मस्जिदों के खण्डहरों पर नमाज़ पढ़ने वालों पर हमला कर के अपनी विघटनकारी पॉलिसी का सुबूत दिया है।
हादी अलमूसवी नें कहा कि आले ख़लीफ़ा सरकार मस्जिदों और इमामबाड़ों को गिराकर जनता अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि बहरैनी जनता आले ख़लीफ़ा के इन अत्याचारी क़दमों से परिचित है और सफलता मिलने तक वह अपना आंदोलन जारी रखेगी।
स्पष्ट रहे कि आले ख़लीफ़ा सरकार नें अब तक 38 मस्जिदें तोड़ डाली हैं और उन मस्जिदों को दोबारा बनाने की इजाज़त नही दे रही है। दूसरी तरफ़ बहरैनी जनता अपने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में ऐलान कर रही है कि वह आले ख़लीफ़ा की इस्लाम विरोधी नीतियों से न तो डरेगी और न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।


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