Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 196849
Date of publication : 6/12/2018 16:21
Hit : 217

बहरैन, 46 साल, एक ही प्रधानमंत्री, चुनाव है या खेल ?

बहरैन में 46 साल से प्रधानमंत्री पद और चुनाव का ड्रामा खेला जा रहा है और 46 साल से ही ख़लीफ़ा बिन सलमान आले ख़लीफ़ा इस कुर्सी पर चिपका हुआ है जो इस देश जारी तानाशाही और चुनाव के नामा पर चल रहे खेल को बयान करने के लिए काफी है ।
विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकारी के अनुसार बहरैन में हाल ही में होने वाले तथाकथित चुनावों के बाद बहरैन के तानाशाह ने 46 साल से प्रधानमंत्री पद पर बैठे अपनी कठपुतली को एक बार फिर नई कैबिनेट के गठन का फ़रमान दिया है । बहरैन में देश के सबसे बड़े राजनैतिक दल अल विफाक़ और अन्य राजनैतिक दलों के बॉयकॉट के बावजूद आले ख़लीफ़ा तानाशाही के आदेश पर होने वाले औपचारिक एवं दिखावटी चुनाव के बाद ख़लीफ़ा बिन सलमान आले ख़लीफ़ा ने लगातार ग्यारहवीं बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में कैबिनेट का गठन किया । बहरैन में 46 साल से प्रधानमंत्री पद और चुनाव का ड्रामा खेला जा रहा है और 46 साल से ही ख़लीफ़ा बिन सलमान आले ख़लीफ़ा इस कुर्सी पर चिपका हुआ है जो इस देश जारी तानाशाही और चुनाव के नामा पर चल रहे खेल को बयान करने के लिए काफी है ।
..................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची इस्लामी इंक़ेलाब की सुरक्षा ज़रूरी , आंतरिक और बाह्र्री दुश्मन कर रहे हैं षड्यंत्र : आयतुल्लाह जन्नती आख़ेरत में अंधेपन का क्या मतलब है....