Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 196763
Date of publication : 2/12/2018 19:17
Hit : 261

लेबनान, सअद हरीरी कर रहे हैं चुनाव नतीजों की अनदेखी : हिज़्बुल्लाह

लेबनान के कार्यकारी प्रधानमंत्री अपने आपको लेबनान के सुन्नी समुदाय का सर्वेसर्वा समझते हुए देश के क़ानून को धता बताते हुए अपने दल से अलग या आज़ाद सुन्नी कैंडिडेट को प्रस्तावित कैबिनेट में जगह नहीं देना चाहते और यही गतिरोध देश में नई सरकार के गठन में बाधा बना हुआ है ।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार लेबनान मे चुनाव संपन्न हुए कई महीने गुज़र चुके हैं लेकिन कार्यकारी प्रधानमंत्री सअद हरीरी अपने हितों को साधने की आड़ में देश को एक नए संकट के मुहाने पर ले आए हैं । रिपोर्ट के अनुसार हालिया चुनाव में मुंह की खाने वाले लेबनान के कार्यकारी प्रधानमंत्री अपने आपको लेबनान के सुन्नी समुदाय का सर्वेसर्वा समझते हुए देश के क़ानून को धता बताते हुए अपने दल से अलग या आज़ाद सुन्नी कैंडिडेट को प्रस्तावित कैबिनेट में जगह नहीं देना चाहते और यही गतिरोध देश में नई सरकार के गठन में बाधा बना हुआ है । देश के सबसे बड़े राजनैतिक दल के रूप में उभरे हिज़्बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के वरिष्ठ सदस्य शैख़ नबील कावूक़ ने कहा कि कार्यकारी प्रधानमंत्री चुनाव नतीजों की अनदेखी कर रहे हैं जब तक वह आज़ाद सुन्नी पार्लियामेंट मेंबर्स को सरकार में जगह न देने की अपनी हठधर्मिता पर अड़े रहेंगे यह संकट बना रहेगा । हिज़्बुल्लाह यथाशीघ्र इस संकट का समाधान चाहता है लेकिन गेंद प्रधानमंत्री के पाले में है याद रहे कि खुद को सुन्नी समुदाय का सर्वेसर्वा माँ बैठे सअद हरीरी के दल को इस चुनाव में मुंह की खानी पड़ी है लेकिन कार्यकारी प्रधानमंत्री के पद पर कैबिनेट गठन के लिए संसद की ओर से नामित हरीरी अपने दल अल मुस्तक़बिल से हटकर संसद पहुँचने वाले सुन्नियों को सरकार में कोई प्रतिनिधित्व देने को तैयार नहीं है ।
................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची इस्लामी इंक़ेलाब की सुरक्षा ज़रूरी , आंतरिक और बाह्र्री दुश्मन कर रहे हैं षड्यंत्र : आयतुल्लाह जन्नती