Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 196736
Date of publication : 1/12/2018 18:46
Hit : 239

यूक्रेन अमेरिका के साथ यही हरकत करता तो युद्धक नौकाओं का नामोनिशान भी न मिलता : रूस

मारिया ज़ाखारॉव ने कहा कि हम सवाल करते हैं कि यह नौकाएं भेजी ही क्यों गई ? क्यों यह नौकाएं सितंबर की तरह नहीं गुज़र गई ? क्यों हमारी ओर से बार बार दी गई चेतावनियों का जवाब नहीं दिया गया ? क्यों पश्चिमी जगत का कोई विश्लेषक इस बारे में कुछ बोलता ?
विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकारी के अनुसार रूस विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारॉव ने यूक्रेन के साथ जारी रूस के टकराव पर पश्चिमी जगत के डबल स्टैंड पर निराशा जताते हुए कहा कि अगर यूक्रेन ने कर्च जैसी घटना अमेरिका के साथ की होती तो विश्वास मानो उसके जहाज़ों का नामो निशान भी नहीं बचता । मारिया ज़ाखारॉव ने कहा कि हम सवाल करते हैं कि यह नौकाएं भेजी ही क्यों गई ? क्यों यह नौकाएं सितंबर की तरह नहीं गुज़र गई ? क्यों हमारी ओर से बार बार दी गई चेतावनियों का जवाब नहीं दिया गया ? क्यों पश्चिमी जगत का कोई विश्लेषक इस बारे में कुछ बोलता ? अगर यूक्रेन ने यह हरकत अमेरिका के साथ की होती तो समुन्द्र में उनकी नौकाएं तो दूर उनका नामोनिशान भी नहीं बचता । याद रहे कि हाल ही में यूक्रेन द्वारा रूस की जलसीमा का उल्लंघन करने पर रूस ने इस देश की तीन युद्धक नौकाओं को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है ।
..............................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से