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Date of publication : 1/8/2018 12:49
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इमरान खान की जीत ने सऊदी अरब और अमेरिका की मुश्किलें बढ़ाईं ।

इमरान खान सऊदी अरब को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते वहीँ वह क्षेत्र में अमेरिकी नीतियों के कट्टर विरोधी हैं यही नहीं इमरान खान फिलिस्तीन के समर्थक और इस्राईल के धुर विरोधी है वह देश में सऊदी अरब के हस्तक्षेप के विरोधी तथा ईरान से मधुर संबंध रखने के पक्षधर हैं ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी इमरान खान की तहरीक इन्साफ ने अमेरिका और सऊदी अरब की चिंताए बढ़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार इमरान खान सऊदी अरब को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते वहीँ वह क्षेत्र में अमेरिकी नीतियों के कट्टर विरोधी हैं यही नहीं इमरान खान फिलिस्तीन के समर्थक और इस्राईल के धुर विरोधी है वह देश में सऊदी अरब के हस्तक्षेप के विरोधी तथा ईरान से मधुर संबंध रखने के पक्षधर हैं । इमरान यमन संकट में सऊदी अरब की नीतियों के भी विरोधी हैं तथा 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में बने तथाकथित इस्लामी सैन्य संगठन से मलेशिया की ही भांति पाकिस्तान को अलग कर सकते हैं । इमरान खान पाकिस्तान के लिए अपमानजनक भाषा प्रयोग करने वाले ट्रम्प को भी कड़े शब्दों में लताड़ चुके हैं, जब ट्रम्प ने पाकिस्तान का अपमान करते हुए कहा था कि 15 साल में अमेरिका ने पाकिस्तान को ३३ अरब डॉलर देकर सिवाए धोखे के कुछ हासिल नहीं किया तो इमरान ने ट्रम्प को पागल और मुर्ख आदमी बताते हुए अमेरिका पर पाकिस्तान के अहसान गिनाये थे ।
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