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Code : 194701
Date of publication : 29/7/2018 9:51
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ट्रम्प ने अरबी नाटो की आड़ में अरब देशों को निचोड़ने की मुहिम फिर शुरू की

बातें चाहे जो भी हो लेकिन ईरान फोबिया की आड़ में एक बारे फिर ट्रम्प ने अरब देशों से भारी रक़म वसूलने के लिए जाल फैला दिया है। इसी वर्ष मार्च में सऊदी अरब के अयाश युवराज की अमेरिका यात्रा पर ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सऊदी अरब एक धनवान देश है इसलिए उसके और अमेरिका के बीच अधिक रक्षा सौदे होना चाहिए।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बार फिर अमेरिका ने अरब देशों से भारी भरकम रक़म ऐंठने के लिए अरबी नाटो का शिगुफा छेड़ दिया है । व्हाइट हाउस के अनुसार हालाँकि इस सैन्य और राजनैतिक गठबंधन का उद्देश्य क्षेत्र में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकना है लेकिन अगर हालात की समीक्षा की जाए तो यह बात एक दम साफ़ हो जाती है कि इस योजना का एकमात्र उद्देश्य अरब देशों से फिर से भारी भरकम रक़म वसूलना है । अरब और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस सैन्य और राजनैतिक गठबंधन में खाड़ी के अरब देशों के अलावा मिस्र और जॉर्डन को शामिल करने के प्रयास हो रहे हैं।  अमेरिका के अनुसार इस प्रकार के गठबंधन के बाद इन देशों के बीच सैन्य अभ्यास, आर्थिक संबंध और आतंकवाद के विरुद्ध जंग में एक दूसरे का सहयोग बढ़ेगा । बातें चाहे जो भी हो लेकिन ईरान फोबिया की आड़ में एक बारे फिर ट्रम्प ने अरब देशों से भारी रक़म वसूलने के लिए जाल फैला दिया है। इसी वर्ष मार्च में सऊदी अरब के अयाश युवराज की अमेरिका यात्रा पर ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सऊदी अरब एक धनवान देश है इसलिए उसके और अमेरिका के बीच अधिक रक्षा सौदे होना चाहिए।
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