Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 194083
Date of publication : 3/6/2018 10:54
Hit : 382

शबे क़द्र के मुश्तरक आमाल

............................................इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत पढ़े, रिवायत में है कि शबे क़द्र में सातवें आसमान पर आवाज़ दी जाती है कि अल्लाह ने हर उस शख़्स के गुनाह माफ़ कर दिए जो इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत पढ़ने के लिए आया है।

विलायत पोर्टल :  शबे क़द्र की हर रात में यह आमाल अंजाम देने की ताकीद की गई है जिसे हम आपके लिए मफ़ातीहुल जेनान से पेश कर रहे हैं। ** ग़ुस्ल करना, अल्लामा मजलिसी कहते हैं कि सूरज डूबने के समय में ग़ुस्ल करना ज़्यादा बेहतर है।
** दो रकअत नमाज़ शबे क़द्र की नीयत से पढ़े जिसकी हर रकअत में सूरए हम्द के बाद 7 बार सूरए तौहीद पढ़े और नमाज़ के बाद 70 बार اَسْتَغْفِرُاﷲ وَاَتُوْبُ اِلَیْہِ (ख़ुदा से मग़फ़ेरत चाहता हूं और उसकी बारगाह में तौबा करता हूं) पढ़े, पैग़म्बर स.अ. से हदीस है कि अभी वह शख़्स यह पढ़ कर अपनी जगह से उठा भी नहीं होगा कि अल्लाह उसके वालेदैन के गुनाहों माफ़ कर देगा।
** क़ुर्आन को अपने सामने खोल कर यह दुआ पढ़े...
اَللّٰھُمَّ إنِّی ٲَسْٲَ لُکَ بِکِتابِکَ الْمُنْزَلِ وَمَا فِیہِ وَفِیہِ اسْمُکَ الْاَکْبَرُ وَٲَسْماؤُکَ الْحُسْنیٰ وَمَا یُخافُ وَیُرْجیٰ ٲَنْ تَجْعَلَنِی مِنْ عُتَقائِکَ مِنَ النّارِ
ऐ माबूद बेशक मैं तेरी नाज़िल की हुई किताब और जो कुछ इसमें है और इसमें तेरा नाम सबसे बड़ा है और तेरे अच्छे नाम भी बयान हुए हैं और वह जो ख़ौफ़ और उम्मीद (दोनों) दिलाता है इन सभी के वसीले से दुआ करता हूं कि मेरा शुमार उन लोगों में कर जिनको तूने (जहन्नम की) आग से आज़ाद कर दिया है। फिर अपनी हाजत को अल्लाह से मांगे।
** क़ुर्आन को अपने सर पर रखे और यह दुआ पढ़े
اَللّٰھُمَّ بِحَقِّ ھذا الْقُرْآنِ وَبِحَقِّ مَنْ ٲَرْسَلْتَہُ بِہِ وَبِحَقِّ کُلِّ مُؤْمِنٍ مَدَحْتَہُ فِیہِ وَبِحَقِّکَ عَلَیْھِمْ فَلاَ ٲَحَدَ ٲَعْرَفُ بِحَقِّکَ مِنْکَ
ऐ माबूद इस क़ुर्आन के वसीले और उसके वसीले जिसको तूने इसके साथ भेजा और उन मोमेनीन के वसीले से जिनकी तूने इसमें तारीफ़ की है और उन पर तेरे उस हक़ के वसीले से जिस हक़ को तुझसे बेहतर कोई नहीं जानता।
इसके बाद नीचे दिए गए ज़िक्र को पढ़े
  10 बार بک یا اللہ
10 बार بمحمد
10 बार بعلی
10 बार بفاطمۃ 10 बार بالحسن
10 बार بالحسین
10 बार بعلی بن الحسین
10 बार بمحمد بن علی
10 बार بجعفر بن محمد
10 बार بموسی بن جعفر
10 बार بعلی بن موسی
10 बार بمحمد بن علی
10 बार بعلی بن محمد
10 बार بالحسن بن علی
10 बार بالحجۃ

फिर अल्लाह से अपनी हाजतें तलब करें।
** इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत पढ़े, रिवायत में है कि शबे क़द्र में सातवें आसमान पर आवाज़ दी जाती है कि अल्लाह ने हर उस शख़्स के गुनाह माफ़ कर दिए जो इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत पढ़ने के लिए आया है।
** शब बेदारी करे, यानी इन तीनों रातों में जागता रहे, रिवायत में है कि जो शख़्स इन रातों में जागता रहे तो उसके गुनाह माफ़ हो जाएंगे चाहे उनकी तादाद आसमानों के सितारों के बराबर हो या पहाड़ों जैसे संगीन हों या दरिया के पानी जैसे बे शुमार हों।
** सौ रकअत नमाज़ पढ़े जिसकी बहुत ज़्यादा फ़ज़ीलत बयान की गई है और मुसतहब है कि हर रकअत में सूरए हम्द के बाद 10 बार सूरए तौहीद पढ़े।
** इस दुआ को पढ़े....
اللَّهُمَّ إِنِّی أَمْسَیْتُ لَکَ عَبْدا دَاخِرا لا أَمْلِکُ لِنَفْسِی نَفْعا وَ لا ضَرّا وَ لا أَصْرِفُ عَنْهَا سُوءا أَشْهَدُ بِذَلِکَ عَلَى نَفْسِی وَ أَعْتَرِفُ لَکَ بِضَعْفِ قُوَّتِی وَ قِلَّةِ حِیلَتِی فَصَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَ آلِ مُحَمَّدٍ وَ أَنْجِزْ لِی مَا وَعَدْتَنِی وَ جَمِیعَ الْمُؤْمِنِینَ وَ الْمُؤْمِنَاتِ مِنَ الْمَغْفِرَةِ فِی هَذِهِ اللَّیْلَةِ وَ أَتْمِمْ عَلَیَّ مَا آتَیْتَنِی فَإِنِّی عَبْدُکَ الْمِسْکِینُ الْمُسْتَکِینُ الضَّعِیفُ الْفَقِیرُ الْمَهِینُ اللَّهُمَّ لا تَجْعَلْنِی نَاسِیا لِذِکْرِکَ فِیمَا أَوْلَیْتَنِی وَ لا [غَافِلا] لِإِحْسَانِکَ فِیمَا أَعْطَیْتَنِی وَ لا آیِسا مِنْ إِجَابَتِکَ وَ إِنْ أَبْطَأَتْ عَنِّی فِی سَرَّاءَ [کُنْتُ‏] أَوْ ضَرَّاءَ أَوْ شِدَّةٍ أَوْ رَخَاءٍ أَوْ عَافِیَةٍ أَوْ بَلاءٍ أَوْ بُؤْسٍ أَوْ نَعْمَاءَ إِنَّکَ سَمِیعُ الدُّعَاءِ
ऐ माबूद, बेशक मैंने इस हालत में शाम गुज़ारी कि मैं तेरा ज़लील बंदा हूं, न अपने फ़ायदे का मालिक हूं और न अपने नुक़सान का और ना ही (अपने नफ़्स से) बुराई को दूर कर सकता हूं, मैं अपने नफ़्स के ख़िलाफ़ ख़ुद ही गवाह हूं और तेरे सामने अपनी कमज़ोरी और बेचारगी को क़ुबूल करता हूं, मोहम्मद स.अ. और उनकी आल अ.स. पर रहमत नाज़िल फ़रमा और अपना मग़फ़ेरत का वादा पूरा फ़रमा जो आज की रात तूने मेरे और सारे मोमेनीन के लिए आम कर रखा है, और मुझ पर अपनी अता और रहमत को पूरा कर दे कि मैं तेरे बेकस कमज़ोर, मोहताज, ज़लील बंदा हूं, ऐ माबूद, मुझे ऐसा न बना कि तेरी अता को याद करना भूल जाऊं तेरे एहसान से ग़ाफ़िल हो जाऊं और तेरी तरफ़ से दुआ के क़ुबूल होने से मायूस हो जाऊं हालांकि मैं ख़ुशी और ग़म या सख़्ती और परेशानी या आसानी और तंगी या नेमत और नेमत के न होने के समय तेरे एहसान, करम और अता को भूल जाता हूं, बेशक तू दुआ का सुनने वाला है।
शैख़ कफ़अमी से रिवायत है कि इमाम सज्जाद अ.स. इस दुआ को तीनों शबे क़द्र में क़ेयाम, रुकुअ और सजदे की हालत में पढ़ते थे, अल्लामा मजलिसी लिखते हैं कि इन रातों का बेहतरीन अमल यह है कि अनपी मग़फ़ेरत की दुआ करे, अपने वालेदैन, रिश्तेदारों और ज़िंदा और मरहूम हो जाने वाले सभी मोमेनीन की दुनिया और आख़ेरत के लिए दुआ करें, और जितना हो सके सलवात पढ़े, और कुछ रिवायतों में है कि तीनों रातों में दुआए जौशन कबीर की तिलावत करें। .............................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

सीरिया और इराक के बाद ताजिकस्तान पर आईएसआईएस का संकट मंडलाया अफ़ग़ानिस्तान, एक महीने में आतंकियों ने 250 से अधिक फौजियों को मारा इदलिब में जंग की आहट, आतंकवादी संगठनों को उकसा रहा है अमेरिका यमन सेना का पलटवार, आले सऊद के 15 आतंकी हलाक बिन सलमान की उल्टी गिनती शुरू, सत्ता से जल्दी ही हो सकती है विदाई ईरान अमेरिका के सैन्य ढांचे को ध्वस्त करने में सक्षम, चीन और रूस की बढ़ती ताक़त से दहशत में वाशिंगटन : न्यूज़वीक दीन के बाक़ी रहने का राज़ अहलेबैत अ.स. की मोहब्बत में है अमेरिका ने लगाई गुहार, ईरान का मुक़ाबला करने के लिए एकजुट हों अरब देश ईरान को छोड़ो सऊदी अरब की लगाम कसना बहुत ज़रूरी : रैंड पॉल इराक की धरती को ईरान के हितों को चोट पहुँचाने के लिए भी प्रयोग नहीं होने देंगे : बरहम सालेह दमिश्क़, आम लोगों पर मौत बनकर बरसे अमेरिकी विमान, 40 से अधिक की मौत। इस्राईल का भविष्य दांव पर, अकेले कई अरब देशों को हराना वाला अवैध राष्ट्र आज हमास से नहीं जीत सकता : ज़ायोनी सैन्याधिकारी ट्रम्प की एक और हार, अदालत ने दिया सीएनएन पत्रकार का पास जारी करने का आदेश ट्रम्प, बिन सलमान, और नेतन्याहू के शैतानी त्रिकोण को संकट का सामना : हिज़्बुल्लाह आईएसआईएस इस्लाम का प्रतीक नहीं, हरमैन शरीफ़ैन के साथ विश्वासघात कर रहे हैं आले सऊद