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Code : 194068
Date of publication : 1/6/2018 14:32
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नाकाबंदी के 711 दिन, 98 हफ़्तों से जुमा नहीं पढ़ सके हैं बहरैन वासी ।

बहरैन के लोकप्रिय नेता आयतुल्लाह शैख़ क़ासिम के अल दराज़ क्षेत्र में स्थित घर की नाकाबंदी के नाम पर इस पूरे क्षेत्र को सील किए रखा और अतीत की तरह ही बहरैन की सबसे बड़ी नमाज़े जुमा को एक बार फिर नही पढ़ने दिया गया।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार बहरैन में जारी आले खलीफा की अंधेरगर्दी इस हद तक बढ़ चुकी है कि खुद को मुसलमान कहने वाले इन ज़ायोनी-अमेरिकी और साम्राज्यवादी एजेंटों के शासन में इस देश का बहुसंख्यक शिया समाज तानाशाही की ओर से लगाई गयी पाबन्दियाँ की वजह से 98 हफ़्तों से नमाज़े जुमा नहीं पढ़ सका है । यह 711 वां दिन था जब आले खलीफा के गुंडों ने बहरैन के लोकप्रिय नेता आयतुल्लाह शैख़ क़ासिम के अल दराज़ क्षेत्र में स्थित घर की नाकाबंदी के नाम पर इस पूरे क्षेत्र को सील किए रखा और अतीत की तरह ही बहरैन की सबसे बड़ी नमाज़े जुमा को एक बार फिर नही पढ़ने दिया गया।  क्षेत्र की इमाम सादिक़ अ.स. मस्जिद में एक बार फिर क्षेत्रीय लोगों को खलीफाई गुंडों द्वारा इमाम जुमा को मस्जिद में प्रवेश न दिए जाने तथा आस पास के नमाज़ियों का रास्ता रोक देने के कारण नमाज़ जुमा के बिना घरों को लौटना पड़ा । याद रहे कि इस मस्जिद में सैंकड़ों सालों से नमाज़े जुमा अदा की जाती रही है जब बहरैन में आले खलीफा का नामों निशान भी नहीं था ।
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