Sunday - 2018 June 24
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 194064
Date of publication : 31/5/2018 14:3
Hit : 409

अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय न्यायलय में घसीटेगा ईरान ।

जनवरी 2016 में ट्रम्प ने अपने समर्थकों के बीच कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने दाइश को जन्म दिया है, 17 जुलाई 2016 को सीबीएस के साथ 60 मिनट के इंटरव्यू में भी ट्रम्प ने बल देते हुए कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने अपनी मूर्खतापूर्ण नीतियों के माध्यम से दाइश को जन्म दिया,
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान ने वहाबी आतंकी संगठन आईएसआईएस के गठन में अमेरिका की भूमिका और इस आतंकी गुट के ईरान के संसद और इमाम ख़ुमैनी र.ह. के मज़ार पर हमले में अमेरिका अप्रत्यक्ष भूमिका को लेकर अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में घसीटने का फैसला किया है सूत्रों के अनुसार तेहरान का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई बार स्वीकार किया है कि अमेरिका दाइश के गठन के लिए ज़िम्मेदार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान, बार बार यह दोहराया था कि ओबामा प्रशासन विशेष रूप से पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने वहाबी आतंकी गुट दाइश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जनवरी 2016 में ट्रम्प ने अपने समर्थकों के बीच कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने दाइश को जन्म दिया है, 17 जुलाई 2016 को सीबीएस के साथ 60 मिनट के इंटरव्यू में भी ट्रम्प ने बल देते हुए कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने अपनी मूर्खतापूर्ण नीतियों के माध्यम से दाइश को जन्म दिया, अब तेहरान अमेरिका के ख़िलाफ़ ट्रम्प के इन रहस्योद्घाटनों को मुक़दमे के रूप में बदलना चाहता है। ईरान का कहना है कि जून 2017 में संसद और इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के मक़बरे पर होने वाले आतंकवावी हमलों की साज़िश में वाशिंगटन की अहम भूमिका रही है, जिन हमलों की ज़िम्मेदारी दाइश ने ली थी।
ईरान की संसद में न्यायिक समिति के सदस्य अबुल फ़ज़्ल अबु तुराबी ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, ट्रम्प ने बहुत ही स्पष्ट रूप से अपनी प्रतिद्वंदी क्लिंटन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ही दाइश का गठन किया है।
अबु तुराबी का कहना है कि एक देश के नेता की बात, अदालत में सुबूत के तौर पर स्वीकार की जानी चाहिए, इसी आधार पर तेहरान अंतर्राष्ट्रीय अदालत में वाशिंगटन को घसीटेगा। पिछले साल तेहरान में आतंकवादी हमलों में कम से कम 17 लोगों की जान गई थी, जबकि अन्य दर्जनों घायल हुए थे।
...............................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :