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Code : 193777
Date of publication : 16/5/2018 15:12
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फिलिस्तीनी शहीद का पैग़ाम ईरान और सरदार क़ासिम सुलेमानी के नाम

मैं ज़ायोनी नाकाबंदी में घिरे ग़ज़्ज़ा का निवासी आपका भाई अहमद हूँ, मैं आप से अपील करता हूँ कि ग़ज़्ज़ा और फिलिस्तीन के मज़लूमों को पहले से अधिक सैन्य एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध करायें ताकि हम अपना आंदोलन और प्रतिरोध जारी रख सकें इतिहास और तजरुबों ने यह बात साबित कर दी है कि अवैध राष्ट्र इस्राईल को सिर्फ ताक़त और खून की भाषा समझ में आती है ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलिस्तीन पर ज़ायोनी शासन के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विरोध प्रदर्शन में होने वाले 70 शहीदों में से एक शहीद अहमद अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह अवीनी ने ईरानी जनता और विशेष कर आईआरजीसीब्ल की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर सरदार क़ासिम सुलेमानी के नाम एक सन्देश दिया है ईरान में क़ुद्स की सहायता के लिए आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस के अवसर पर ईरानी जनता को समबोधित करते हुए इस शहीद की वीडियो वायरल हो रही है जिस में इस शहीद ने दुआ करते हुए कहा कि है कि खुदा जल्द ही वह दिन लाये जब हम और आप एक साथ क़ुद्स शहर में विजेता की हैसियत से दाखिल हों शहीद अवीनी ने अपील करते हुए कहा कि बैतुल मुक़द्दस {यरूशलम} वह स्थान है जहां से पैग़म्बरे इस्लाम स.अ. मेराज पर गए, यह दुनिया भर के मुसलमानों और प्रतिरोध करने वाले लोगों की आँखों की ठंडक और नूर है, क़ुद्स जनसँख्या के लिहाज़ से भी फिलिस्तीन का सबसे बड़ा शहर तथा फ़िलिस्तीन की हमेशा के लिए राजधानी है । मैं ज़ायोनी नाकाबंदी में घिरे ग़ज़्ज़ा का निवासी आपका भाई अहमद हूँ, मैं आप से अपील करता हूँ कि ग़ज़्ज़ा और फिलिस्तीन के मज़लूमों को पहले से अधिक सैन्य एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध करायें ताकि हम अपना आंदोलन और प्रतिरोध जारी रख सकें इतिहास और तजरुबों ने यह बात साबित कर दी है कि अवैध राष्ट्र इस्राईल को सिर्फ ताक़त और खून की भाषा समझ में आती है ।
ईरान और ईरानी जनता विशेष कर सरदार क़ासिम सुलेमानी और ईरान के अन्य कमंडरों पर खुदा का दुरूद और सलाम ।
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