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Date of publication : 10/5/2018 15:31
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आईएसआईएस के रूप में संगठित हुए सऊदी-अमेरिकी और तुर्क सेना के आतंक का सामना कर रहा है दमिश्क़ : बश्शार असद

अमेरिका का सीरिया में उपस्थिति का सिर्फ एक उद्देश्य है और वह है वहाबी आतंकियों की मदद, अमेरिका ने रक़्क़ा में घिरे आतंकियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर दैरुज़्ज़ोर पहुँचाया ताकि वह सीरियन सेना के खिलाफ मोर्चा खोल सकें दैरुज़्ज़ोर जिस समय वहाबी आतंकियों की घेराबंदी में था उस समय भी अमेरिका ने सीरियन सेना को निशाना बनाया ताकि वहाबी आतंकी संगठन इस शहर पर क़ब्ज़ा कर सकें ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले सात साल से साम्राज्यवादी शक्तियों के अधीनस्थ वहाबी आतंकी गुटों का सामना कर रहे सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद ने कहा है कि वास्तव में आईएसआईआएस अमेरिका, सऊदी और तुर्की की संयुक्त सेना है साम्राज्यवादी शक्तियों और इन देशों का समर्थन पाकर ही दाइश ने सीरिया के खिलाफ मोर्चा खोला । अमेरिका का सीरिया में उपस्थिति का सिर्फ एक उद्देश्य है और वह है वहाबी आतंकियों की मदद, अमेरिका ने रक़्क़ा में घिरे आतंकियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर दैरुज़्ज़ोर पहुँचाया ताकि वह सीरियन सेना के खिलाफ मोर्चा खोल सकें। दैरुज़्ज़ोर जिस समय वहाबी आतंकियों की घेराबंदी में था उस समय भी अमेरिका ने सीरियन सेना को निशाना बनाया ताकि वहाबी आतंकी संगठन इस शहर पर क़ब्ज़ा कर सकें । वहाबी आतंकी अमेरिका , तुर्की और सऊदी अरब के सिपाही है जिन्हे फ़्रांस, ब्रिटेन, क़तर, सऊदी, और साम्राज्यवादी धड़े के अन्य देशों की सहायता प्राप्त है।
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