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Code : 193643
Date of publication : 9/5/2018 14:39
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ट्रम्प से ऐसी ही हरकत की उम्मीद थी, यूरोप गारंटी न दे तो परमाणु समझौते का कोई औचित्य नहीं : आयतुल्लाह ख़ामेनई

ट्रम्प की यह हरकत हमारी उम्मीदों के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं थी उस से पहले भी अमेरिकी नेता ऐसा ही काम करते रहे हैं आज भी ईरानी जनता अमेरिका के सामने डट कर खड़ी है हमार बुरा चाहने वाले अमेरिका नेता कहीं मर गए आज उनका नामो निशान नहीं है लेकिन इस्लामी ईरान आज भी सम्मान के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है, ट्रम्प भी मिट्टी में मिल जाएगा लेकिन ईरान इसी तरह सम्मान के साथ बाक़ी रहेगा ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान की इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने ईरान और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों के बीच हुए समझौते से अमेरिका के पीछे हटने का उल्लेख करते हुए कहा कि आप सब ने सुना किस प्रकार अमेरिकी राष्ट्रपति ने कल रात बेहूदा और घटिया बातें कीं, ट्रम्प की बातें झूट का पुलिंदा थी जिस में उसने ईरान और देशवासियों को धमकियाँ दीं मैं अपने देशवासियों की ओर से साफ कर देना चाहता हूँ कि मिस्टर ट्रम्प तुम भूल कर रहे हो । जब परमाणु ऊर्जा को लेकर वार्ता की बात हो रही थी हमने तभी कहा था कि यह गलत है, देश को परमणु ऊर्जा की आवश्यकता है हमे कम से कम 20 हज़ार मेगावाट ऊर्जा की ज़रूरत है हम अमेरिका से बात करने के इच्छुक नहीं थे लेकिन हम ने फिर भी परमाणु समझौते को क़ुबूल किया लेकिन अमेरिका ने फिर भी ईरान से दुश्मनी ख़त्म नहीं की। इस्लामी इंक़ेलाब के बाद इस क्षेत्र पर छाए अमेरिका का देश में कोई प्रभाव नहीं रह गया इसलिए वह इंक़ेलाब से अपनी दुश्मनी को नहीं भूल सकता ट्रम्प की यह हरकत हमारी उम्मीदों के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं थी उस से पहले भी अमेरिकी नेता ऐसा ही काम करते रहे हैं आज भी ईरानी जनता अमेरिका के सामने डट कर खड़ी है हमार बुरा चाहने वाले अमेरिका नेता कहीं मर गए आज उनका नामो निशान नहीं है लेकिन इस्लामी ईरान आज भी सम्मान के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है, ट्रम्प भी मिट्टी में मिल जाएगा लेकिन ईरान इसी तरह सम्मान के साथ बाक़ी रहेगा । सुप्रीम लीडर ने ईरानी अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अब कहा जा रहा है कि यूरोपीय देश इस समझौते में रहेंगे इसलिए अभी ईरान इस समझौते को ख़त्म न समझे तो मैं स्पष्ट कर दूँ कि इस समझौते में शामिल यह तीनों यूरोपीय देश भी भरोसे योग्य नहीं हैं अगर यह देश कोई गारंटी दे सकें तो ठीक वरना इस समझौते में रहने की कोई आवश्यकता नहीं है ।
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