Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 192861
Date of publication : 29/3/2018 15:17
Hit : 175

अमेरिकी और पश्चिमी अधिकारियों की गिरफ़्तारी से बौखलाए यूरोप ने रूस के खिलाफ मोर्चा खोला ।

पश्चिमी जगत बिना किसी ठोस कारण के रूस के खिलाफ मोर्चा बनाए हुए हैं जो इस बात का संकेत करता है कि मिडिल ईस्ट विशेष कर सीरिया में मुंह की खाने वाला अमेरिका और पश्चिमी जगत रूस के बढ़ते क़द और महत्त्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है ।

विलायत पोर्टल :  विश्व जगत इस समय रूस और यूरोप के बीच चल रही कूटनीतिक जंग को लेकर हैरान है कहने को तो यह अमेरिका और उसके घटक देशों ने ब्रिटेन में रह रहे एक डबल एजेंट पर तथाकथित हमले के बाद रूस के कूटनीतिकों को देश से बाहर निकालने की मुहिम छेड़ी है लेकिन सूत्रों के अनुसार इस घटना का मुख्य कारण कुछ और ही है । प्राप्त जानकारी के अनुसार राजनीतिक समाजशास्त्र तथा क्राइसिस मैनेजमेंट एंड प्रिवेंटिव वॉर के प्रोफेसर के अकरम अल शैली के अनुसार रूस के खिलाफ पश्चिमी जगत और अमेरिका द्वारा छेड़ी गई इस मुहिम का मुख्य कारण सीरिया में अमेरिकी , ज़ायोनी , फ्रेंच , ब्रिटिश , अरब एवं अन्य यूरोपीय देशों के अधिकारियों की गिरफ़्तारी है । अल शैली के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में यह संकट और भी भयावह हो सकता है सोवियत यूनियन के बिखराव के बाद से रूस और यूरोप के संबंधों में ऐसी खटास नहीं आई है । पश्चिमी जगत बिना किसी ठोस कारण के रूस के खिलाफ मोर्चा बनाए हुए हैं जो इस बात का संकेत करता है कि मिडिल ईस्ट विशेष कर सीरिया में मुंह की खाने वाला अमेरिका और पश्चिमी जगत रूस के बढ़ते क़द और महत्त्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है ।
 .................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

रूस मामलों में पोम्पियो की कोई हैसियत नहीं, अमेरिका की विदेश नीति का भार जॉन बोल्टन के कंधों पर : लावरोफ़ सऊदी अरब की सैन्य टुकड़ियां हैं आईएसआईएस और नुस्राह फ्रंट । ज़ायोनी सेना की गतिविधियां तेज़, लेबनान सेना ने अलर्ट । अय्याश सऊदी युवराज और मोहमद बिन ज़ायद पॉप गायिका मैडोना की राह पर, ली क़बालाह की शरण ईरान फ़ातेह और सहंद के बाद विशालकाय पनडुब्बी बनाने के लिए तैयार। इमाम हसन असकरी अ.स. के बाद सामने आने वाले फ़िर्क़े कुर्दों को अर्दोग़ान की धमकी, बंकरों को कुर्द लड़ाकों का मज़ार बन दूंगा । नोबेल विजेता की मांग, यमन युद्ध का हर्जाना दें सऊदी अरब और अमीरात । फ़िलिस्तीन का संकट लेबनान का संकट है , क़ुद्स का यहूदीकरण नहीं होने देंगे : मिशेल औन महत्त्वहीन हो चुका है खाड़ी सहयोग परिषद, पुनर्गठन एकमात्र उपाय : क़तर एयरपोर्ट के बदले एयरपोर्ट, दमिश्क़ पर हमला हुआ तो तल अवीव की ख़ैर नहीं ! तुर्की को SDF की कड़ी चेतावनी, कुर्द बलों को निशाना बनाया तो पलटवार के लिए रहे तैयार । दमिश्क़, राष्ट्रपति बश्शार असद ने दी 16500 लोगों को आम माफ़ी । यमन का ऐलान, वारिस कहें तो हम ख़ाशुक़जी के शव लेने की प्रक्रिया शुरू करें । प्योंगयांग और सिओल मिलकर करेंगे 2032 ओलंपिक की मेज़बानी