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Code : 192793
Date of publication : 26/3/2018 17:56
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लगातार पेश आने वाली घटना...

उस समय वह ब्रिगेडियर था, उसके आसपास कई कर्नल खड़े थे, वह इतना अधिक उनका अपमान कर रहा था कि मुझे देख कर आश्चर्य हो रहा था, उसको इतनी भी समझ नहीं थी कि वह प्रशासन के विरुध्द वह भी मेरे सामने जिसको इसी जुर्म में गिरफ़्तार किया गया था इस तरह की बात न करे, उसके अंदर थोड़ी भी शर्म नहीं थी, और जिनका अपमान हो रहा था उनको भी इस अपमान पर कोई आपत्ति नहीं थी,

विलायत पोर्टल :  मैंने उस शासन में कई बार यह बात देखी थी कि बड़े बड़े अधिकारियों का अपमान होता रहता था, उसी शासनकाल का एक बहुत मशहूर कमांडर जो बेहद क्रूर और दुष्ट था जिसका नाम भी मैं नहीं लेना चाहता, अब वह जहन्नम जा चुका है, 1964 में वह मशहद का कमांडर था, मैं उस समय गिरफ़्तार हो चुका था और मुझे उसी की जेल में ले जा कर उसके हवाले कर दिया गया, वह मुझे देख कर मेरी ओर आया, उस समय वह ब्रिगेडियर था, उसके आसपास कई कर्नल खड़े थे, वह इतना अधिक उनका अपमान कर रहा था कि मुझे देख कर आश्चर्य हो रहा था, उसको इतनी भी समझ नहीं थी कि वह प्रशासन के विरुध्द वह भी मेरे सामने जिसको इसी जुर्म में गिरफ़्तार किया गया था इस तरह की बात न करे, उसके अंदर थोड़ी भी शर्म नहीं थी, और जिनका अपमान हो रहा था उनको भी इस अपमान पर कोई आपत्ति नहीं थी, मैंने ऐसी घटनाएं लगातार देखी हैं यह उनमें से एक है।
(22 जनवरी 1991 में सैन्य और पुलिस बल के बीच आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान) .................


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