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Code : 192724
Date of publication : 19/3/2018 20:8
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सामाजिक स्तर पर काम करने की अहमियत

उस समय मेरा शौक़ वही था और आज भी वही है, लेकिन सामाजिक स्तर पर किया जाने वाला काम भी 500 छात्रों वाली क्लास लेने से कम अहमियत नहीं रखता।

विलायत पोर्टल :  मुझे याद है इंक़ेलाब के शुरूआती दिनों में इस्लामी पार्लियामेंट के गठन से पहले मैं हफ़्ते में एक बार तेहरान यूनिवर्सिटी जा कर जवानों के बीच तक़रीर करता था और उनके सवालों के जवाब देता था, वहां मैंने सभी लड़कों से कहा था कि अल-हम्दो लिल्लाह एक दो महीने में मौजूदा इंक़ेलाबी कमेटी ख़त्म हो जाएगी और फिर इस्लामी पार्लियामेंट का गठन होगा, फिर हम अपने कामों को और बेहतर तरीक़े से अंजाम देंगे। इंशा-अल्लाह आप लोगों के लिए नह्जुल बलाग़ा, क़ुर्आन और कुछ दूसरी क्लासों का प्रबंध करेंगे, उस समय मेरा शौक़ वही था और आज भी वही है, लेकिन सामाजिक स्तर पर किया जाने वाला काम भी 500 छात्रों वाली क्लास लेने से कम अहमियत नहीं रखता।
(28 अक्टूबर 1991 में जजों की समिति के बीच आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान)
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