Saturday - 2018 Oct 20
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 192723
Date of publication : 19/3/2018 20:0
Hit : 339

हिज़्बुल्लाह ने 33 दिवसीय युद्ध मे ज़ायोनी सेना को दी शर्मनाक हार : एहुद ओल्मर्ट

एहुद ओल्मर्ट ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि मुझे यह स्वीकारने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि 2006 में लेबनान - इस्राईल के बीच हुई जंग में लेबनान के प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने ज़ायोनी सेना को शर्मानक हार का मज़ा चखाया है । ओल्मर्ट की यह आत्मकथा ज़ायोनी सेना की ओर से सेंसर होने के बाद रिलीज़ हुई है


विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध राष्ट्र इस्राईल के भूतपूर्व प्रधामंत्री एहुद ओल्मर्ट ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि मुझे यह स्वीकारने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि 2006 में लेबनान - इस्राईल के बीच हुई जंग में लेबनान के प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह ने ज़ायोनी सेना को शर्मानक हार का मज़ा चखाया है । ओल्मर्ट की यह आत्मकथा ज़ायोनी सेना की ओर से सेंसर होने के बाद रिलीज़ हुई है जो इस ज़ायोनी नेता ने जेल में गुज़ारे गए अपने 16 महीने के दौरान लिखी है। ओल्मर्ट ने अपनी आत्मकथा में 14 अगस्त 2006 में युद्ध विराम के बाद उस घटना का उल्लेख भी किया है जिस में इस ज़ायोनी नेता ने संसद में हाज़िर होते हुए कहा था कि मैं सब विफलताओं की ज़िम्मेदारी लेता हूँ इस हार का मैं स्वंय ज़िम्मेदार हूँ । ओल्मर्ट के अनुसार 2006 की हार इस्राईल के लिए बहुत बड़ी विफलता थी इस युद्ध में अवैध राष्ट्र को सिर्फ सैन्य पराजय ही नहीं बल्कि बहुत से मोर्चों पर ज़िल्लत उठानी पड़ी थी। इस पूर्व ज़ायोनी प्रधानमंत्री ने ज़ायोनी राष्ट्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा इस्राईल में मौजूद हर सकारत्मक चीज़ को नष्ट करने पर तुले हुए हैं वह धन कुबेरों के इशारों पर देश को लूट रहे हैं ।
................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :