Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 192721
Date of publication : 19/3/2018 19:38
Hit : 251

अफरीन, फ्री सीरिया आर्मी और तुर्की के हमलों के कारण 2 लाख लोग हुए बेघर, सैंकड़ों की मौत ।

तुर्की के इस नेता ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य कुर्दों को मिलने वाले अमेरिकी हथियारों को उनके कंट्रोल से निकालना था जिसमे हमे एक हद तक सफलता मिल गई है तथा हम जल्दी ही इस शहर का नियंत्रण स्थानीय लोगों को सौंप कर इस क्षेत्र से अपनी सेना को वापस बुला लेंगे ।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार तुर्की के उपप्रधानमंत्री ने कहा है कि हम अफरीन को जल्द ही स्थानीय लोगों को सौंपकर अपनी सेना को वापस बुला लेंगे । तुर्की के इस नेता ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य कुर्दों को मिलने वाले अमेरिकी हथियारों को उनके कंट्रोल से निकालना था जिसमे हमे एक हद तक सफलता मिल गई है तथा हम जल्दी ही इस शहर का नियंत्रण स्थानीय लोगों को सौंप कर इस क्षेत्र से अपनी सेना को वापस बुला लेंगे । ज्ञात रहे कि कल ही तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने कहा था कि अफरीन पर तुर्की समर्थित आतंकी गुट फ्री सीरियन आर्मी का क़ब्ज़ा हो गया है । ज्ञात रहे कि आज ही कुर्दिश नेशनल इनिशिएटिव फॉर सीरिया के प्रमुख ने कहा है कि अर्दोग़ान इस क्षेत्रों के लोगों का सफाया करना चाहते हैं ताकि इस क्षेत्र के मूल निवासियों का यहाँ से निकाल कर साम्राज्यवादी शक्तियों के एजेंटों और फ्री सीरियन आर्मी जैसे आतंकी संगठनों के सरगना और उनके भाड़े के सैनिकों, उइगरों और तुर्कमनों को यहाँ बसाया जा सके । ................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी ।