Thursday - 2018 June 21
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 192545
Date of publication : 11/3/2018 16:57
Hit : 156

आयतुल्लाह नाईनी र.ह. की शागिर्दी

आयतुल्लाह बुरूजर्दी की वफ़ात के बाद उन्होंने यह गुज़ारिश क़बूल की, जब तक वह ज़िंदा थे आप मिम्बर पर नहीं बैठे, और पहले दिन मिम्बर पर बैठने के बाद आप ने रोते हुए सभी को नसीहत की,
विलायत पोर्टल : आयतुल्लाह नाईनी जब पहली बार क़ुम में क्लास लेने के लिए आए मैं वहां मौजूद था, पहले आप ज़मीन पर बैठ कर पढ़ाते थे, लेकिन धीरे धीरे क्लास में शामिल होने वालों की तादाद बढ़ती गई तो सभी ने चाहा कि आप के चेहरे की भी ज़ियारत होती रहे और आपकी आवाज़ भी सही से सुनते रहे इसलिए सब ने मिल कर मिम्बर पर बैठ कर क्लास लेने की गुज़ारिश की, जैसा कि मुझे याद आ रहा है आयतुल्लाह बुरूजर्दी की वफ़ात के बाद उन्होंने यह गुज़ारिश क़बूल की, जब तक वह ज़िंदा थे आप मिम्बर पर नहीं बैठे, और पहले दिन मिम्बर पर बैठने के बाद आप ने रोते हुए सभी को नसीहत की, बिस्मिल्लाह के बाद सब से पहली बात यह कही कि, यह वही मिम्बर है जिस पर शैख़ अंसारी र.ह. जैसी अज़ीम हस्ती बैठती थीं आज मुझे बैठना पड़ रहा है, आप ने यहीं से नसीहत करना शुरू की कि क्या कर रहे हो इस पर हमेशा ध्यान रखो और अपनी ज़िम्मेदारियों को समझो, हालांकि आप की कही हुई सारी बातें इस समय मुझे याद नहीं हैं, लेकिन उस दिन आप एक मुज्तहिद और फ़क़ीह की तरह से नसीहत कर रहे थे, और यह बताना चाह रहे थे कि ध्यान रहे ज़िम्मेदारी का एहसास बहुत ज़रूरी है।
(24 मार्च 1990 में मशहद शहर के उलमा और ज़िम्मेदार लोगों के बीच आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान)
............


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :