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Code : 192455
Date of publication : 7/3/2018 3:45
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मिशन नहीं रुकेगा...

एक दिन इसी यूनिवर्सिटी में मुठभेड़ जारी थी, मैं अपने समय पर वहां पहुंच गया, जैसे ही अंदर पहुंचा कुछ छात्र आए और कहने लगे आज माहौल बहुत ख़तरनाक है आज आप मत आइए, मैंने कहा नहीं, मेरा मिशन नहीं रुकेगा,

विलायत पोर्टल : मैं 1980 में हफ़्ते में एक दिन इतवार या सोमवार को तेहरान यूनिवर्सिटी आता था, यहां की मस्जिद में नमाज़ पढ़ता था, सभी छात्र जमा हो जाते थे, फिर सवाल जवाब का दौर शुरू होता था, और फिर उनके बीच तक़रीर करता था, उसी साल यह यूनिवर्सिटी हथियार बंद गिरोहों का अड्डा हुआ करती थी, जिस के अलग अलग नाम जैसे Z-3 हुआ करते यह लोग AK-47 ले कर अंदर छात्रों को और बाहर सड़कों पर आम नागरिकों का ख़ून बहाते थे। एक दिन इसी यूनिवर्सिटी में मुठभेड़ जारी थी, मैं अपने समय पर वहां पहुंच गया, जैसे ही अंदर पहुंचा कुछ छात्र आए और कहने लगे आज माहौल बहुत ख़तरनाक है आज आप मत आइए, मैंने कहा नहीं, मेरा मिशन नहीं रुकेगा, मैं अंदर गया, हालात ख़राब होने के कारण बेहद सन्नाटा दिख रहा था, बहुत कम लोग इधर उधर दिख रहे थे, जिस रास्ते से मैं हमेशा आता था उसी से मस्जिद के अंदर गया, और उस दिन 10 से भी कम छात्र दिख रहे थे, हम लोगों ने नमाज़ पढ़ी और वापस हो गए, हालात कुछ इतने ख़राब हो गए थे कि उसके बाद वह यूनिवर्सिटी 1 साल तक बंद रही।
(12 मई 1998 में तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान)
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