Sunday - 2018 Sep 23
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 192439
Date of publication : 6/3/2018 19:50
Hit : 360

हसन नसरुल्लाह के खिलाफ ज़ायोनी शासन ने अपनी नाकामी से पर्दा उठाया ।

इस्राईल का स्पेशल ऑपरेशन्स रूम, मोसाद से लेकर शावाक जैसी ख़ुफ़िया एजेंसियों की सहायता लेकर भी अपने मिशन में नाकाम रहा ।


विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार ज़ायोनी ख़ुफ़िया एजेंसी के अधिकारियों 2006 में हुए 33 दिवसीय युद्ध की कई फाइलों से पर्दा उठाते हुए कहा है कि इस युद्ध में अवैध राष्ट्र ने भरपूर प्रयास किये कि वह हिज़्बुल्लाह प्रमुख की गतिविधियों पर नज़र रखे और उन्हें शहीद कर सके लेकिन अवैध राष्ट्र को अपने हर प्रयास में मुंह की खानी पड़ी । उस समय ज़ायोनी ख़ुफ़िया एजेंसी के उच्चाधिकारी हसन नसरुल्लाह की शहादत को अवैध राष्ट्र के लिए बड़ी कामयाबी मानते हुए इस मिशन में जुटे थे कि किसी प्रकार भी हसन नसरुल्लाह के ठिकाने का पता लगाया जा सके और अवैध राष्ट्र के युद्धक विमान अमेरिका द्वारा इस्राईल को दिए गए कंक्रीट बंकर नष्ट करने वाले बमों की वर्षा कर सकें, लेकिन इस्राईल का स्पेशल ऑपरेशन्स रूम, मोसाद से लेकर शावाक जैसी ख़ुफ़िया एजेंसियों की सहायता लेकर भी अपने मिशन में नाकाम रहा । ज़ायोनी अधिकारियों का मानना है कि सय्यद हसन नसरुल्लाह किसी बेसमेंट अथवा 5 मंज़िल तक अंडर ग्राउंड हो सकते हैं यही सोचकर इस्राईल ने 2006 में ज़ाहिया में कंक्रीट बंकर नष्ट करने वाले बमों की वर्षा कर भारी जनसंहार किया लेकिन अपने उद्देश्यों में नाकाम रहा । ज़ायोनी सूत्रों के अनुसार अवैध राष्ट्र ने हसन नसरुल्लाह और हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध मिली इस नाकामी के बाद अपने सुरक्षा तंत्र और ख़ुफ़िया एजेंसी में भारी फेरबदल किया लेकिन आज भी ज़ायोनी राष्ट्र हिज़्बुल्लाह के दिलेरों के आगे बेबस है।
 ....................


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :