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Code : 192419
Date of publication : 5/3/2018 20:1
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बहरैन, तथाकथित मुस्लिम देश जहाँ नमाज़े जुमा पढ़ने से वंचित हैं 30 हज़ार मुसलमान ।

जून 2016 में बहरैन के लोकप्रिय नेता शैख़ ईसा कसिम की नागरिकता रद्द करने के बाद से बहरैन तानाशाही ने इस क्षेत्र की पूर्ण नाकाबंदी कर रखी है तथा इमाम सादिक़ अ.स. मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों की बख्तरबंद वाहनों से नाकाबंदी कर रखी है ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार इस्राईल से रिश्ते जगजाहिर करने में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आगे बढ़ जाने वाला छोटा सा अरब देश बहरैन इस्लामी सिद्धांतों की धज्जियाँ उड़ाते हुए देश के 30 हज़ार से अधिक नागरिकों को नमाज़े जुमा नहीं पढ़ने नहीं दे रहा है । सूत्रों के अनुसार अल दराज़ क्षेत्र की इमाम सादिक़ अ.स. मस्जिद में 2016 से अब तक नमाज़े जुमा पर पाबंदी लगी हुई है देश की सत्ता पर क़ाबिज़ आले खलीफा तानाशाही देश के बहुसंख्यक समाज पर धार्मिक पाबंदियां लगाए हुए है । जून 2016 में बहरैन के लोकप्रिय नेता शैख़ ईसा कसिम की नागरिकता रद्द करने के बाद से बहरैन तानाशाही ने इस क्षेत्र की पूर्ण नाकाबंदी कर रखी है तथा इमाम सादिक़ अ.स. मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों की बख्तरबंद वाहनों से नाकाबंदी कर रखी है । पिछले दो साल से यह क्षेत्र आले खलीफा के अत्याचारों से त्रस्त है तथा यहाँ की हालात बहुत खस्ता है।
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