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Date of publication : 28/12/2017 17:59
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मिडिल ईस्ट को लेकर अमेरिका क्यों है इतना हताश और परेशान ?

अमेरिका इराक़ में जन्म लेने वाली इस्लामी जागरूकता की लहर की वजह भयभीत है, इसी जागरूकता के कारण इलाक़े के समीकरण अमेरिका के विपरीत ईरान के हितों में बदल गए हैं। जार्ज फ़्रेडमैन ने लिखा कि अमेरिका इराक़ की स्थिति के अनुसार खुद को ढ़ाल नहीं कर पा रहा है

विलायत पोर्टल :  पश्चिमी एशिया में जो स्थिति पनप रही है वह वास्तव में प्रभाव की उस लड़ाई का नतीजा है जो कई वर्षों से इस्लामी गणतंत्र ईरान के नेतृत्व में इस्लामी प्रतिरोधी ब्लाक और अमेरिका के बीच जारी है। वैसे तो यह लड़ाई पिछले लगभग चालीस साल से जारी है लेकिन हालिया दस वर्षों में यह लड़ाई अधिक जटिल और व्यापक हो चली है। वर्तमान परिस्थितियां दो परिवर्तनों को रेखांकित करती हैं। एक तो अमेरिका की गिरती साख़ और उसके प्रभाव मे कमी तथा दूसरी ओर ईरान की शक्ति और प्रभाव में बेतहाशा बढोत्तरी ।
बहुत से विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका इलाक़े में ईरान के मुक़ाबले में बुरी तरह उलझाव और शिकार है, इसी लिए उसको लगातार विफलताओं का सामना करना पड़ रहा है। वरिष्ठ विशलेषक माइकल यांग ने दि नेशनल इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर प्रकाशित होने वाले अपने लेख में लिखा है कि अमेरिका के पास इलाक़े में ईरान के प्रभाव का मुक़ाबला करने के लिए कोई रणनीति ही नहीं है। जार्ज फ़्रेडमैन इस बात पर ज़ोर देते हुए लिखते हैं कि अमेरिका इराक़ में जन्म लेने वाली इस्लामी जागरूकता की लहर की वजह भयभीत है, इसी जागरूकता के कारण इलाक़े के समीकरण अमेरिका के विपरीत ईरान के हितों में बदल गए हैं। जार्ज फ़्रेडमैन ने लिखा कि अमेरिका इराक़ की स्थिति के अनुसार खुद को ढ़ाल नहीं कर पा रहा है। अमेरिकी नीतियों के चलते दाइश अस्तित्व में आया इस समस्या ने ख़ुद भी ईरान के लिए इलाक़े के दरवाज़े पूरी तरह खोल दिए। वाशिंग्टन ईरान की परमाणु शक्ति में ही उलझा रहा जबकि वह इस हक़ीक़त से अनभिज्ञ रहा कि ईरान का राजनैतिक प्रभाव उसकी परमाणु शक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है।
सेंट एंथोनी कालेज के शरमेन नरवानी ने हाल ही में एक कालम में लिखा कि अब जबकि 2017 समाप्त होने वाला है तो सीरिया युद्ध में शामिल देश यहाँ न्यू आर्डर की स्थापना की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन अमेरिका का इसमे कोई स्थान नहीं है। पश्चिमी एशिया में जारी बदलाव ईरान के बढ़ते प्रभाव पर आधारित है। क्षेत्रीय संकटों के समाधान में ईरान की प्रभावी भूमिका को देखते हुए बहुत से पश्चिमी स्ट्रैटेजिस्ट भी इसे ईरान के उदय का समय मान रहे हैं,और दुनिया की कोई भी ताक़त ईरान को पीछे हटाने की क्षमता नहीं रखती। जार्ज फ़्रेडमैन ने हाफ़िंग्टन पोस्ट के लिए “ईरान मध्यपूर्व को नया रूप दे रहा है” शीर्षक से एक लेख लिखा है इस लेख में फ़्रेडमैन कहते है कि मध्यपूर्व एक नया और पूरी तरह से भिन्न रूप प्राप्त कर चुका है। ईरान के बढ़ते प्रभाव पर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है।
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iuvm


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