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Code : 191082
Date of publication : 23/12/2017 16:22
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सीआईए की मदद से जासूसी एम्पायर खड़ा कर रहा है संयुक्त अरब अमीरात : फॉरेन पॉलिसी

संयुक्त अरब अमीरात खाड़ी देशों में जासूसी एम्पायर फ़ैलाने के लिए अमेरिकी की कुख्यात जासूसी एजेंसी सीआईए पर पैसा लुटा रहा है

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार फॉरेन पॉलिसी ने संयुक्त अरब अरब अमीरात द्वारा सीआईए की सहायता से खाड़ी देशों में जासूसी एम्पायर खड़ा करने के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश की है । इस अमेरिकन पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार सीआईए के एजेंट अबुधाबी के ज़ायद बंदरगाह पर स्थित आलिशान कोठियों में इस देश के जासूसों को ट्रेनिंग दे रहे हैं । इन स्थानों पर रविवार की सुबह में सेमीनार आयोजित किये जाते हैं जिनका शीर्षक होता है की ख़ुफ़िया एवं गोपनीय जानकारियां क्या है फिर 5-6 लोगों की टीम बना कर ख़ुफ़िया जानकारियां जुटाने की ट्रेनिंग दी जाती है । अबू धाबी के निकट ही स्थित अकादमी मे इन लोगों को हथियारों तथा बैरकों के बारे में बताया जाता है और ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाती है ।
फॉरेन पॉलिसी को इस बात की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण देने वालों मे शामिल रहे सीआईए के एक अधिकारी ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात ने हमें इस काम के लिए भारी मुआवज़ा दिया है हमें एक एक दिन के लिए हज़ार - हज़ार डॉलर दिए गए तथा हमें रहने के लिए बेहतरीन विला या 5 स्टार होटल दिए जाते रहे हैं ।
कहा गया है कि पूर्व सीआईए अधिकारी लैरी सांचेज़ इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य कर्ता धर्ता है जिसने अमीरात के युवराज के लिए 5-6 साल काम किया है ताकि ऐसे प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा सके । सीआईए अधिकारियों के अलावा पश्चिमों देशों के कई ख़ुफ़िया अधिकारी भी इस काम में लगे हुए हैं ।
कुख्यात एजेंसी ब्लैक वाटर के मुखिया ने भी अमीरात के युवराज की सुरक्षा के लिए इस देश में अलग से अपनी ब्रिगेड बना रखी है , वहीं व्हाइट हाउस आतंकवाद विरोधी दस्ते के मुखिया रिचर्ड क्लार्क भी अमीराती युवराज का वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार रह चुका है । अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी से जुड़े लोगों के लिए अरब अमीरात में रोज़गार के असंख्य अवसर पैदा करने के बाद यहाँ अपने हुनर और क्षमता का बाजार भी पैदा कर लिया है जो क़ानूनी चर्चा और निगरानी का विषय है ।
एक जानकार का कहना है कि अरब अमीरात की इच्छा है कि इस देश के पास भी सीआईए जैसी अपनी जासूसी संस्था हो । रिपोर्ट के अनुसार अरब अमीरात और न्यूयॉर्क पुलिस के बीच 2008 में गोपनीय जानकारियों के आदान प्रदान को लेकर एक समझौता हुआ जिसके बाद न्यूयॉर्क पुलिस ने अरब अमीरात में अपना एक दफ्तर खोला और उसके बाद अरब अमीरात ने न्यूयॉर्क पुलिस फाउंडेशन को आतंकवाद से युद्ध के नाम पर 1 मिलियन डॉलर दान दिए ।
इसी बीच अरब अमीरात के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साथ सांचेज़ और यहाँ के युवराज के बीच मधुर संबंध पनपे । 2010 और 2011 में अमेरिका ने इस संबंध में सीधे तौर पर भी अरब अमीरात की सहायता की है ।
कहा जाता है कि सुरक्षा को लेकर अरब अमीरात और सांचेज़ की चिंताएं एक समान हैं, दोनों ईरान और मुस्लिम ब्रदरहुड को बड़ा खतरा मानते हैं वहीँ अरब अमीरात भी ईरान , मुस्लिम ब्रदरहुड तथा अलक़ायदा को अपने लिए खतरा मानता है । रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात के युवराज ने सांचेज़ को एक आलिशान लांच भेंट की है अरब अमीरात में सांचेज़ की आर्थिक स्थिति बहुत मज़बूत है ।
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फ़ार्स न्यूज़


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