नवीनतम लेख

रूस के कड़े तेवर, एकध्रुवीय दुनिया का सपना देखना छोड़ दे अमेरिका आले सऊद ने अमेरिका के आदेश पर ख़ाशुक़जी के क़त्ल की बात स्वीकारी : मुजतहिद जमाल ख़ाशुक़जी हत्याकांड में ट्रम्प के दामाद की भूमिका की जांच हो साम्राज्यवाद के मुक़ाबले पर डटा ईरान और ग़ुलामी करते मुस्लिम देशों में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ : फहवी हुसैन ईरान के खिलाफ सर जोड़ कर बैठे सऊदी अरब और इस्राईल इमाम हुसैन के ज़ायरीन पर हमले की साज़िश विफल अमेरिकी आतंक, अमेरिकी सेना ने दैरुज़्ज़ोर में 60 लोगों को मौत के घाट उतारा हत्यारी टीम को ही नहीं क़त्ल के आदेश देने वाले को भी मिले कड़ी सजा : तुर्की सऊदी पत्रकार संघ अरबईन बिलियन मार्च, नजफ़े अशरफ से हैदरिया तक चप्पे चप्पे पर हश्दुश शअबी की निगरानी हिज़्बुल्लाह हर स्थिति का सामना करने को तैयार, धमकियों का ज़माना बीत गया : हसन नसरुल्लाह बहरैन, आले खलीफा ने एक बार फिर लगाए क़तर और ईरान पर बेबुनियाद आरोप वहाबी आतंकियों का क़ब्रिस्तान बना सीरिया, 1114 शहर आज़ाद : रूस अरबईन बिलियन मार्च, दुश्मन को एक बार फिर हार का सामना : सय्यद मोहसिन अमेरिका ने दिया भारत को अल्टीमेटम, प्रतिबंधों से बचना है तो F-16 खरीदो कर्बला वाले और हमारी ज़िम्मेदारियां
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 190787
Date of publication : 8/12/2017 12:43
Hit : 248

अवैध राष्ट्र इस्राईल के लिए ट्रम्प ने किया विश्व समुदाय का अपमान : हसन नसरुल्लाह

गुज़रे दिनों हमने देखा कि अमेरिका ने अवैध राष्ट्र के लिए किस तरह विश्व समुदाय का अपमान किया, उसने दुनिया भर के देशों का अपमान किया है ट्रम्प के निर्णय से करोड़ों मुसलमान अपमानित महसूस कर रहे हैं।


विलायत पोर्टल : प्राप्त जानकरी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा फिलिस्तीनी राजधानी क़ुद्स को अवैध राष्ट्र की राजधानी के रूप में मान्यता दिया जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए प्रतिरोधी आंदोलन हिज़्बुल्लाह के जनरल सेक्रेटरी सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि ट्रम्प का बयान 100 साल पहले हुए बाल्फोर बयान का दूसरा भाग है । उन्होने कहा कि ट्रम्प के फैसले का प्रभाव पर पड़ेगा समस्त विश्व जगत को ट्रम्प के विरुद्ध अपने कर्तव्य को निभाना चहिये यह बहुत घातक निर्णय है । उन्होंने कहा कि ट्रम्प का यह फैसला फिलिस्तीनियों को उनके ही घर से निकालने का कारण बनेगा क्योंकि इस निर्णय के बाद अवैध राष्ट्र क़ुद्स को अपने अधीन ले लेगा । ट्रम्प के इस क़दम से ईसाइयों और मुसलमानों के पवित्र स्थलों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है मस्ज्दे अक़्सा पर सब से अधिक संकट के बादल घिर आयें हैं । अवैध राष्ट्र दशकों से जो करना चाह रहा था वह ट्रम्प ने एक पल में कर दिया है यह खतरनाक काम है उसने शांति वार्ता का मार्ग ही बंद कर दिया है क़ुद्स फिलिस्तिन दिल है जब वह ही नहीं रहेगा तो फिलिस्तीन का वजूद ही नहीं रहेगा । ट्रम्प के मुक़ाबले में खामोश रहना बहुत खतरनाक होगा, यह ख़ामोशी ट्रम्प को अरब देशों के मामले में मनमर्ज़ी करने का दुस्साहस देगी । हसन नसरुल्लाह ने कहा कि गुज़रे दिनों हमने देखा कि अमेरिका ने अवैध राष्ट्र के लिए किस तरह विश्व समुदाय का अपमान किया, उसने दुनिया भर के देशों का अपमान किया है ट्रम्प के निर्णय से करोड़ों मुसलमान अपमानित महसूस कर रहे हैं। नसरुल्लाह ने कहा कि अमेरिका वह देश है जो किसी अंतर्राष्ट्रीय समझौते का सम्मान नहीं करता तथा उनका उल्लंघन करता है । उन्होंने कहा कि हम क़ुद्स , फिलिस्तीनी जनता उनके पवित्र स्थलों और उनकी संस्कृति तथा सभ्यता पर अमेरिकी अतिक्रमण के विरुद्ध हैं अमेरिकी निर्णय की कड़ी आलोचना , निंदा होना चाहिए और फिलिस्तीनियों का भरपूर समर्थन करते हुए इस निर्णय का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए । क़ुद्स फिलिस्तीनियों का है उसका यहूदी करण बंद हो, अमेरिकी निर्णय के विरुद्ध होने वाले विरोध प्रदर्शन और धरनों की धमक अमेरिका के कानों तक पहुंचना चाहिए । मुस्लिम देश अमेरिकी राजदूतों को बुलाकर अपना विरोध प्रकट करें और अमेरिका को उसका निर्णय बदलने के लिए बाध्य करें । सब को पता चले कि अमेरिका का फैसला इस्राईल के हित में है लेकिन शांति वार्ता और शांति के लिए विनाशकारी है । उन्होने आहवान किया कि अरब और मुस्लिम देश ऐलान करें कि क़ुद्स हमेशा से ही फिलिस्तीन की राजधानी थी तथा रहेगी और इस पर कोई चर्चा नहीं होगी, अरब और मुस्लिम देश फिलिस्तीनी जनता के इंतेफाज़ा में उनके कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े हों ।
................
अलआलम


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :