Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 190535
Date of publication : 21/11/2017 16:27
Hit : 809

आले सऊद की शर्मनाक करतूत, सअद हरीरी की पत्नी को बनाया यौन उत्पीड़न का शिकार ।

लेबनान के राष्ट्रपति मिशल औन ने कहा था कि सऊदी अरब ने हरीरी को बंधक बना लिया है तथा उन्होंने हरीरी की सपरिवार लेबनान वापसी की मांग की थी ।

विलायत पोर्टल :  आले सऊद द्वारा बंदी बनाये गए लेबनान के प्रधानमंत्री सअद हरीरी से जुडी ऐसे खबर आ रही है जिसे सुनकर एक बार फिर मानवता लज्जित हो उठी । सूत्रों के अनुसार सऊदी खानदान के अंदरूनी रहस्यों से कई बार पर्दा उठा चुके मुजतहिद नामक सोशल यूजर ने एक हिला देने वाले रहस्य से पर्दा उठाया है । मुजतहिद ने ट्वीट करते हुए कहा कि ऐ मुसलमानों, ऐ आज़ादी पसंदों , ऐ अरबों , आले सऊद के इन सूअरों ने लेबनानी प्रधानमंत्री सअद हरीरी की पत्नी को प्रताड़ित करते हुए उनका यौन उत्पीड़न किया । ज्ञात रहे कि सऊदी अरब यात्रा पर गए लेबनानी प्रधानमंत्री ने 4 नवम्बर को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा था कि आज लेबनान की स्थिति उस समय जैसी हैं जिस में उनके पिता रफीक हरीरी की हत्या की गयी थी । दूसरी ओर लेबनान के राष्ट्रपति मिशल औन ने कहा था कि सऊदी अरब ने हरीरी को बंधक बना लिया है तथा उन्होंने हरीरी की सपरिवार लेबनान वापसी की मांग की थी ।
..........................
अलआलम


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब अर्दोग़ान का बड़ा खुलासा, आतंकवादी संगठनों को हथियार दे रहा है नाटो। फिलिस्तीन इस्राईल मद्दे पर अरब देशों के रुख में आया है बदलाव : नेतन्याहू बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से