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Code : 190532
Date of publication : 21/11/2017 15:45
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हसन नसरुल्लाह : दाइश को पराजित करने मे क़ासिम सुलेमानी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका ।

अवैध राष्ट्र के अनगिनत अत्यचारों पर तो कभी अरब लीग का सम्मलेन नहीं हुआ ? रियाज़ पर एक मिसाइल क्या गिरा तुम आपातकालीन सम्मलेन करने बैठ गए ? क्या यमन अरब देश नहीं है ? क्या यमनवासी अरब नागरिक नहीं हैं ? तुम्हारे बयान में यमन पीड़ितों के लिए क्यों कोई बात नहीं कही गयी ? क्यों तुमने यमनवासियों पर सऊदी अरब के अमानवीय अत्याचारों के लिए एक भी शब्द नहीं कहा ? तुम्हारे पास दीन धर्म, आत्मा,अंतरात्मा नाम की कोई चीज़ है या नहीं ? सऊदी अरब को यमन वासियों का जनसंहार करने से रोको फिर


विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार मिडिल ईस्ट में चल रहे घटनाक्रम को लेकर हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरुल्लाह ने लेबनवासियों को सम्बोधित करते हुए पहले ईरान और इराक में आये विनाशकारी भूकंप पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अबुकमाल में दाइश की पराजय से इराक और सीरिया के बीच सामान्य आवाजाही का मार्ग खुल गया है, जिसे अमेरिका ने बंद कर रखा था । उन्होंने कहा कि अबुकमाल की आज़ादी के साथ ही सीरिया की अखंडता तथा एकता को और बल मिल गया है । हसन नसरुल्लाह ने कहा कि क्षेत्र के लोग खुद अपनी अंतरात्मा से सवाल करें कि दाइश का गठन करने वाले लोग कौन थे और वह कौन थे जो इस क्रूर आतंकी संगठन के विरुद्ध मोर्चों पर जमे रहे और उस पर विजय प्राप्त की । अमेरिका ने अबुकमाल में दाइश के समर्थन में हर वो काम किया किया जो वह कर सकता था, वह इस क्षेत्र में रूसी वायुसेना की कार्यवाहियों से दाइश को बचाता रहा तथा साइबर युद्ध के द्वारा सीरियन फौजों का रास्ता रोकता रहा और दाइश को हर संभव मदद पहुंचाता रहा, वह चाहता था कि यहाँ कम से कम अगले 10 साल तक दाइश का क़ब्ज़ा बाक़ी रहे । अमेरिका ने इस क्षेत्र में दाइश की निर्णायक हार को देख कर वहाबी आतंकी संगठन के सरग़नाओं को SDF के अधीनस्थ क्षेत्रों में पनाह दी । हसन नसरुल्लाह ने दाइश के विरुद्ध युद्ध में आईआरजीसी बल तथा सरदार क़ासिम सुलेमानी की प्रशंसनीय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ईरान ने लेबनान , इराक , सीरिया के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर वहाबी आतंकी संगठन से लौहा लिया, मैं विश्वास के साथ कहता हूँ कि सरदार क़ासिम सुलेमानी का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जायेगा । उन्होंने रियाज़ हवाई अड्डे पर यमन जनांदोलन के मिसाइल हमले के बाद बुलाये गए अरब लीग के सम्मलेन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हमने यमन को कोई मिसाइल नहीं दिए हैं । उन्होंने अरब लीग के चार देशों द्वारा हिज़्बुल्लाह को आतंकी संगठन बताये जाने की निंदा करते हुए कहा कि हम पहले भी इस प्रकार के ड्रामे देख चुके हैं, खेद की बात है कि जब हम वहाबी आतंकी संगठन के हाथों अबुकमाल की आज़ादी की घोषणा कर रहे हैं वह हमारे विरुद्ध ऐसी बयानबाज़ी कर रहे हैं । हम ने कभी भी यमन , बहरैन या कुवैत में कोई हथियार नहीं भेजे, हाँ हम गर्व के साथ कहते हैं कि हमने अवैध राष्ट्र इस्राईल के विरुद्ध प्रतिरोधी फिलिस्तीनी आंदोलनों को हथियार भेजें हैं । उन्होंने अरब लीग सम्मेलन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अवैध राष्ट्र के अनगिनत अत्यचारों पर तो कभी अरब लीग का सम्मलेन नहीं हुआ ? रियाज़ पर एक मिसाइल क्या गिरा तुम आपातकालीन सम्मलेन करने बैठ गए ? क्या यमन अरब देश नहीं है ? क्या यमनवासी अरब नागरिक नहीं हैं ? तुम्हारे बयान में यमन पीड़ितों के लिए क्यों कोई बात नहीं कही गयी ? क्यों तुमने यमनवासियों पर सऊदी अरब के अमानवीय अत्याचारों के लिए एक भी शब्द नहीं कहा ? तुम्हारे पास दीन धर्म, आत्मा,अंतरात्मा नाम की कोई चीज़ है या नहीं ? सऊदी अरब को यमन वासियों का जनसंहार करने से रोको फिर यमन संकट के राजनैतिक हल की बातें करना, यमन संकट पर अरब देश और अरब समुदाय गूंगे हो गए हैं, और यह बात भी सभी जानते हैं कि आले सऊद अपने षड्यंत्रों में बुरी तरह नाकाम हो चुके हैं । हसन नसरुल्लाह ने कहा कि रियाज़ हवाई अड्डे पर दाग़ी जाने वाली मिसाइल या उस से पहले हमलों में इस्तेमाल होने वाली मिसाइलों का हिज़्बुल्लाह से कोई संबंध नहीं है, हमने यमन को कोई मिसाइल नहीं दिए हैं, अपनी ज़रूरत का ज़रा ज़रा सा सामान विदेशों से मंगाने वाले इस बात को समझ ही नहीं सकते कि दूसरे लोग अपनी ज़रूरत का सभी सामान तथा सैन्य साज़ो सामान खुद बनाने में सक्षम हो सकते हैं , बिना किसी सबूत और प्रमाण के हिज़्बुल्लाह पर आरोप लगाना ठीक नहीं है ।
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अलआलम


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