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Code : 190530
Date of publication : 21/11/2017 11:42
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जनरल क़ासिम सुलेमानी ने किया दाइश के सफाये का ऐलान, मुस्लिम जगत और आयतुल्लाह ख़ामेनई को दी जीत की मुबारकबाद ।

इस दौरान यातनओं का जो घिनौना सिलसिला चला वह बयान नहीं किया जा सकता, बच्चों के सर काटना , मर्दों को उनके घरवालों के सामने ही प्रताड़ित करते हुए उनकी खाल उतारना, युवतियों और महिलाओं को बंदी कर यौनाचार करना , लोगों को ज़िंदा जला देना अथवा सामूहिक जनसंहार इस के कुछ उदाहरण हैं ।


विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान की क़ुद्स ब्रिगेड के मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी ने सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई को बधाई पत्र भेजते हुए ऐलान किया है कि वहाबी आतंकी संगठन दाइश का अंत हो चुका है, और इस ऐतिहासिक विजय में आपका सूझबूझ भरा नेतृत्व , इराक तथा सीरिया की जनता, सरकार और सेना का दृढ़ संकल्प एवं पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए आने वाले अन्य देशों के वीर शहीदों का महत्वपूर्ण योगदान है । जनरल क़ासिम सुलेमानी के पत्र का सारांश निम्नलिखित है । सेवा में , इस्लामी क्रांति के बहादुर एवं लोकप्रिय नेता हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई । सलामन अलैकुम 6 साल पहले बिल्कुल वैसा ही गंभीर संकट और फित्ना पैदा हुआ जैसा इमाम अली अलैहिस्सलाम के समय में उत्पन्न हुआ था जिस ने लोगों से सच्चाई को समझने तथा हक़ीक़ी इस्लाम को समझने का अवसर छीन लिया था, इस बार भी ज़ायोनी और साम्राज्यवादी ज़हर में बुझे इस तूफ़ान ने इस्लामी जगत को अपनी चपेट में ले लिए था । इस बार शत्रु का उद्देश्य मुस्लिम जगत को एक दूसरे के विरुद्ध लडाना तथा व्यापक स्तर पर तबाही मचाना था । इस षड्यंत्र के अनुसार दुश्मन ने हज़ारों मुस्लिम जवानों को गुमराह करते हुए दाइश के नाम पर इस्लामी जगत के दो अति महत्वपूर्ण देशों सीरिया और इराक में भरी संकट उत्पन्न करने में कामयाब भी रहा और इन देशों के महत्वपूर्ण शहरों,प्रांतों पर क़ब्ज़ा कर बड़ी बड़ी फैक्ट्रियों ,कारखानों , पुलों , स्कूलों , कालेजों रिफाइनरियों को बर्बाद कर यहाँ के बुनियादी ढांचे को बर्बाद करता रहा तथा इन देशों के ऐतिहासिक शहरों को बम धमाकों में उजाड़ता रहा या शहर के शहर में आग लगा दी गयी । इस दौरान यातनओं का जो घिनौना सिलसिला चला वह बयान नहीं किया जा सकता, बच्चों के सर काटना , मर्दों को उनके घरवालों के सामने ही प्रताड़ित करते हुए उनकी खाल उतारना, युवतियों और महिलाओं को बंदी कर यौनाचार करना , लोगों को ज़िंदा जला देना अथवा सामूहिक जनसंहार इस के कुछ उदाहरण हैं । हज़ारों मस्जिदें इस षड्यंत्र की भेंट चढ़ गयीं, कितने पेश इमाम मस्जिदों के साथ साथ शहीद कर दिए गए कितनी मस्जिदें उस वक़्त बम धमाकों में शहीद हो गयी जब वहां हज़ारों मुसलमान नमाज़ अदा कर रहे थे । 6 हज़ार से अधिक गुमराह मुसलमान जवानों ने अपने आप को मैदानों , अस्पतालों , सार्वजनिक स्थलों, मस्जिदों में आत्मघाती हमलों में उड़ा लिया । अमेरिकी राष्ट्रपति पद पर तैनात अमेरिका के सर्वोच्च एवं प्रथम नागरिक के अनुसार यह तमाम षड्यंत्र अमेरिका के इशारों पर किये गये हैं और यह काम अब भी चल रहा है । इस खतरनाक षड्यंत्र को विफल बनाने में अल्लाह और उसके रसूल के फ़ज़्लो करम और अहले बैत अलैहिमस्सलाम की मदद के बाद आप के सूझबूझ भरे नेतृत्व और हज़रत आयतुल्लाह सीस्तानी के दिशा निर्देशों का अहम् योगदान रहा है । इस खतरनाक संगठन को पराजित करने में इराक और सीरिया की सरकार , सेना तथा जनता विशेष कर हश्दुश शअबी, तथा हिज़्बुल्लाह की केंद्रीय भूमिका के साथ हिज़्बुल्लाह प्रमुख सय्यद हसन नसरुल्लाह के दिशा निर्देश में लड़ने वाले अन्य देशों से पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए आने वाले वीर जवानों के धैर्य और दृढ़ संकल्प का विशेष किरदार रहा है । इस जीत में इस्लामी राष्ट्र ईरान , यहाँ की जनता और विशेष कर ईरान सरकार ,राष्ट्रपति का महत्वपूर्ण किरदार है जिन्होंने इन देशों को भरपूर सहयोग दिया । मैं एक कर्तव्यनिष्ठ सिपाही की भाँति सीरिया के अबुकमाल में दाइश के विरुद्ध सफल अभियान की समाप्ति के बाद इस शहर से अमेरिका तथा ज़ायोनी समर्थित वहाबी आतंकी संगठन के अंतिम दुर्ग पर सीरियन झंडा फहराये जाने के बाद इस मनहूस संगठन के समूल विनाश का ऐलान करता हूँ । मैं इस मोर्चे के सभी कमांडरों , वीर सैनिकों , जवानों , तथा इस युद्ध में मुसलमानों की इज़्ज़त सम्मान और उनकी पवित्र भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इराकी , सीरियन , लेबनानी , ईरानी , अफ़ग़ानिस्तानी , पाकिस्तानी , शहीदों की ओर से आपको इस जीत की मुबारकबाद देता हूँ । मैं ईरानी जनता , इराक और सीरिया की मज़लूम और पीड़ित जनता तथा इस्लामी जगत को इस महान विजय की बधाई पेश करता हूँ तथा अल्लाह की बारगाह में सजदा ए शुक्र करता हूँ ।
आपका बेटा और सिपाही
क़ासिम सुलेमानी
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