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Date of publication : 6/11/2017 16:52
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सय्यद हसन नस्रुल्लाह

हरीरी का त्यागपत्र सऊदी निर्णय, सऊदी अरब यमन के दलदल से निकल नहीं पा रहा है।

लेबनान के जनांदोलन हिज़्बुल्लाह के सिक्रेट्री जनरल सय्यद हसन नस्रुल्लाह ने कहा है कि उन्होंने हरीरी के इस्तीफ़े की मांग नहीं की थी बल्कि हरीरी का त्यागपत्र सऊदी अरब के इशारों पर हुआ है


विलायत पोर्टलः लेबनान के जनांदोलन हिज़्बुल्लाह के सिक्रेट्री जनरल सय्यद हसन नस्रुल्लाह ने कहा है कि उन्होंने हरीरी के इस्तीफ़े की मांग नहीं की थी बल्कि हरीरी का त्यागपत्र सऊदी अरब के इशारों पर हुआ है।
उन्होंने कहा त्यागपत्र जिस शैली में लिखा गया है उससे साफ़ पता चलता है कि उसे लिखवाया सऊदी अरब ने है और हरीरी ने केवल उसे पढ़ा है। उन्होंने के कि हरीरी के अचानक सऊदी अरब के दौरे पर बुलाए जाने से सभी लेबनानी अधिकारियों और राजनीतिक पार्टियों को विश्वास था कि कुछ अनहोनी होने वाली है।
उन्होंने कहा कि इस त्यागपत्र से यह सिद्ध हो गया है कि सऊदी अरब किस हद तक दूसरे देशो के आतंकरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है और यहां तक कि त्यागपत्र के अंदाज में और किस भाषा में दिया जाना है वह भी वही तय करते हैं!!!!!
ग़ौरतलब है सऊदी अरब यमन युद्ध के दलदल में फंस चुका है और अब केवल हाथ पैर मार रहा है इसलिए वहां की हार का बदला किसी और राष्ट्र से लेने के लिए बिलबिला रहा है। लेकिन हमेशा की तरह उसे हार ही नसीब होगी।


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