Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 189455
Date of publication : 6/9/2017 16:6
Hit : 316

वहाबी आतंकी संगठन दाइश ने महिला आतंकियों को मैदान में धकेला ।

युद्ध में महिलाओं का प्रयोग कर रहा है जो अभी तक आत्मघाती हमलो में भाग लेती थीं। ज्ञात रहे कि मूसेल में इराकी सेना के विरुद्ध हुए आत्मघाती हमलों में 40% भागीदारी महिला आतंकियों की थी ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार सीरिया और इराक में प्रतिरोधी आंदोलन के हाथों मुंह की खाने के बाद वहाबी आतंकी संगठन दाइश की हालत पतली है । सूत्रों के अनुसार वहाबी आतंकी संगठन के पास लड़ाकों की भारी कमी है तथा मजबूर होकर दाइश ने आतंकियों की माँओं और बीवियों को जंग के मैदान में झोंक दिया है । ब्रिटिश एजेंसी HIS Markit के अनुसार वहाबी आतंकी संगठन अब खोये हुए क्षेत्रों पर कभी नियंत्रण नहीं कर पायेगा वह युद्ध में महिलाओं का प्रयोग कर रहा है जो अभी तक आत्मघाती हमलो में भाग लेती थीं। ज्ञात रहे कि मूसेल में इराकी सेना के विरुद्ध हुए आत्मघाती हमलों में 40% भागीदारी महिला आतंकियों की थी ।
...........................
. अलआलम


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

इराक सेना अलर्ट पर किसी भी समय सीरिया में छेड़ सकती है सैन्य अभियान । इराक के प्राचीन धरोहर चुरा रही है ब्रिटिश एजेंसी आईएसआईएस से जान बचाकर भाग रहे लोगों पर अमेरिका की भीषण बमबारी, 20 की मौत । अरब लीग से सीरिया का निष्कासन ऐतिहासिक भूल थी : इराक अमेरिका में गहराता संकट, खाने के लिए लंगर की लाइन में लगे हैं सरकारी कर्मचारी । सऊदी दान रंग लाया, पाकिस्तान ने राहील शरीफ को सऊदी गठबंधन के नेतृत्व करने को दी मंज़ूरी । अमेरिका ने मर्ज़िया हाशिमी की असंवैधानिक गिरफ़्तारी की पुष्टि की हश्दुश शअबी का आरोप , आईएसआईएस को इराकी बलों की गोपनीय जानकारी पहुंचाता था अमेरिका ईरान के पयाम सैटेलाइट ने इस्राईल और अमेरिका को नई चिंता में डाला सीरिया की स्थिरता और सुरक्षा, इराक की सुरक्षा का हिस्सा : बग़दाद आले सऊद की नई करतूत , सऊदी अरब में खुले नाइट कलब और कैसीनो । अमेरिका ने सीरिया से भाग कर ईरान, रूस और बश्शार असद को शक्तिशाली किया । ज़ुबान के इस्तेमाल के फ़ायदे और नुक़सान । सीरिया के विभाजन की साज़िश नाकाम, अमेरिका ने कुर्दों को दिया धोखा । सीरिया में अमेरिका का स्थान लेंगी मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात की सेना ।