Monday - 2018 May 21
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 189438
Date of publication : 5/9/2017 17:1
Hit : 346

रोहिंग्या समुदाय का जनसंहार, आंग सान सू की के नोबेल शांति पुरस्कार पर उठे सवाल ।

सत्ताधारी पार्टी की नेता तथा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की चुप्पी को लेकर विश्व समुदाय में रोष इतना बढ़ गया है कि कुछ लोगों ने नोबेल पुरस्कारों पर ही सवाल उठाते हुए उनसे नोबेल शांति पुरस्कार वापस लिए जाने की मांग की है ।

विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार म्यांमार में हो रहे रोहिंग्या समुदाय के जनसंहार पर विश्व जगत ने कड़ी निंदा का सिलसिला जारी है लेकिन अभी तक म्यांमार सरकार की ओर से इस जघन्य जनसंहार को रोकने के लिए कोई प्रभावी क़दम नहीं उठाया गया जिसको लेकर विश्व समुदाय में कड़ा रोष पाया जाता है । देशभर में रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध चल रहे सुनियोजित जनसंहार के चलते अभी तक 125 हज़ार लोग बांग्लादेश में पनाह ले चुके हैं । इंडोनेशिया के विदेशमंत्री ने देश की सत्ताधारी पार्टी की नेता आंग सान सू की तथा सेनाध्यक्ष से बात कर देश में रोहिंग्या समुदाय के जनसंहार को तत्काल प्रभाव से रोकने की बात की । वहीँ नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला युसूफज़ई ने भी आंग सान सू की से अपील की कि वह जल्द ही रोहिंग्या समुदाय के क़त्ले आम की कड़ी निंदा करें और इस घिनौनी हरकत को रोकने के लिए क़दम उठायें । सत्ताधारी पार्टी की नेता तथा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू की चुप्पी को लेकर विश्व समुदाय में रोष इतना बढ़ गया है कि कुछ लोगों ने नोबेल पुरस्कारों पर ही सवाल उठाते हुए उनसे नोबेल शांति पुरस्कार वापस लिए जाने की मांग की है । अमेरिका के वरिष्ठ विश्लेषक यान बरमार ने कहा कि यह बात खेदजनक हैं कि आंग सान सू की रोहिंग्या समुदाय की दयनीय हालत के लिए कुछ नहीं बोलती, वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर सवाल उठाती है लेकिन अपनी सेना के लिए कुछ नहीं बोलती वह मानवाधिकार कार्यकर्त्ता थी लेकिन अब कुछ नहीं है ।
....................
फ़ार्स न्यूज़


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :