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Date of publication : 5/6/2017 17:32
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उम्मुल मोमेनीन ख़दीजा अ.स. का इस्लाम के प्रचार में योगदान।

पैग़म्बर ने फ़रमाया, ख़दीजा की दौलत से अधिक इस्लाम के लिए किसी की दौलत काम नहीं आई

विलायत पोर्टल : 
हज़रत ख़दीजा अ.स. पैग़म्बर की ऐसी मददगार थीं कि अपना सारा माल और जान आप की नबुव्वत और रिसालत पर न्यौछावर कर दी, और बेहतरीन नस्ल की माँ के तौर पर पहचानी जाती हैं। आप एक शरीफ़ और मालदार घराने से थीं, आप की दौलत से बहुत से अरबवासियों ने व्यापार कर के अमीरी के ख़्वाब पूरे किए, आप को उस जेहालत के दौर में क़ुरैश की मालकिन कहा जाता था। आप ने इतनी दौलत होने बावजूद कभी फ़ुज़ूल कामों में उसे ख़र्च नहीं किया, बल्कि आप अधिकतर ग़रीबों और यतीमों में ख़र्च करतीं इसी कारण आप को यतीमों की माँ कहा जाता था। हज़रत ख़दीजा अ.स. पैग़म्बर की बेसत से पहले ही उनके मददगारों में थीं, और बेसत के बाद भी अल्लाह की तौहीद को सब तक पहुँचाने में आपकी भरपूर मदद करतीं थीं, आप का शुमार सब से पहले इस्लाम को क़ुबूल करने वालो में होता है।
 हज़रत ख़दीजा अ.स. की समाजिक और सांस्कृतिक भूमिका
1. पैग़म्बर का समर्थन: क़ुरैश का पैग़म्बर की शख़्सियत को कलंकित करने और उनको उनके लक्ष्य से रोकने का एक तरीक़ा यह था कि वह आप पर झूठ, जादू टोने जैसे बेबुनियाद आरोप जिसका क़ुर्आन ने खुले शब्दों में खंडन किया है लगाते, हज़रत ख़दीजा अ.स. ने इन आरोपों के जवाब में पैग़म्बर का खुला समर्थन किया, जिसका सकारात्मक प्रभाव पैग़म्बर के लक्ष्य हासिल करने और दुश्मन के नाकाम होने की शक्ल में देखने को मिला, उस जेहालत और असभ्य समाज के दौर में आप का पैग़म्बर को खुले आम समर्थन करना काफ़ी महत्वपूर्ण है।
2. दुश्मनों की ओर से दी जाने वाली तकलीफ़ों के समय दिलासा, पैग़म्बर ने जब अपनी नबुव्वत का ऐलान किया उस समय आप इस्लाम के सब से ताक़तवर दुश्मन से मुक़ाबले पर थे, और ऐसी स्थिति में केवल कुछ ही जो आप के समर्थन में थे जिनमें एक हज़रत ख़दीजा अ.स. थीं, आप ने पैग़म्बर का बेसत से पहले और बेसत के बाद समर्थन किया, और उस दौर की स्थिति के अनुसार आप के समर्थन को बहुत महत्वपूर्ण समझा जाता।
हज़रत ख़दीजा का आर्थिक योगदान पैग़म्बर ने फ़रमाया, ख़दीजा की दौलत से अधिक इस्लाम के लिए किसी की दौलत काम नहीं आई, इस्लाम के प्रचार में आपकी आर्थिक भूमिका इस लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उस दौर की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब थी, आपके आर्थिक समर्थन ने पैग़म्बर को रूही सुकून दिया। पैग़म्बर ने ख़दीजा अ.स. की दौलत से वह अत्याचार के शिकार ग़ुलामों को ख़रीदते, कर्ज़दारों के क़र्ज़ को अदा करते, ग़रीबों, यतीमों और विधवा औरतों की मदद करते, और वह मुसलमान जिन्हों ने आपके साथ मक्का से मदीना की ओर हिजरत की थी और मुशरिकों ने माल को हड़प लिया था, इन सब की आप हज़रत ख़दीजा अ.स. की दौलत से मदद करते थे। आपने सब से महत्वपूर्ण भूमिका उस समय निभाई जब मुसलमानों को क़ुरैश की ओर से लगाए गए 3 से 4 वर्षों तक के प्रतिबंधन के बीच भूख और प्यास से तड़पते देखा तो सारी दौलत पैग़म्बर और मुसलमानों के ऊपर ख़र्च कर दी, और आपकी यही भूमिका उस प्रतिबंध से मुक़ाबला करने में काम आई और मुसलमानों में दोबारा जान डाल दी, और बहुत से वह नए मुसलमान जो कठिनाइयों से हार कर दोबारा अपने धर्म पर वापिस जाने वाले थे उन सबको न केवल हौसला दिया बल्कि उनके इस्लाम को भी बाक़ी रखा। आप का ईमान, इस्लाम और मुसलमानों की सेवा और पैग़म्बर का भरपूर समर्थन इस्लाम के इतिहास में मौजूद है, यही कारण है कि आप को दुनिया की सबसे पाकीज़ा औरतों में शुमार किया जाता है।


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