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Code : 185919
Date of publication : 25/2/2017 20:21
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इस्राईल ने मानवाधिकार कार्यकर्ता को वीज़ा देने से किया इंकार।

मानवाधिकार आयोग ने ज़ायोनी प्रवक्ता की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस्राईल मानवाधिकार आयोग तथा दूसरे मानव सहायता समूहों को पश्चिमी तट एवं ग़ज़्ज़ा पट्टी में मानव सहायता पहुंचाने में बाधा डाल रहा है ।


विलायत पोर्टल: न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार मुख्यालय ने ७ महीने पहले फिलिस्तीन में अपने दफ्तर के निदेशक शाकेरी के लिए वीज़ा की अपील की थी ज़ायोनी आप्रवासन विभाग ने इस संगठन पर फिलिस्तीन के समर्थन का आरोप लगते हुए वीज़ा देने से इंकार कर दिया है।
इराकी मूल के अमेरिकन नागरिक शाकेरी ने इस फैसले पर हैरत जताते हुए कहा कि हम ९० से अधिक देशों में कड़ी मेहनत के बाद रिपोर्ट तैयार करते हैं लेकिन कुछ लोगों को हमारा काम पसन्द नहीं है तथा वह हमे रोक पाने में असमर्थ हैं।
ज़ायोनी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने मानवधिकार आयोग पर निशाना साधते हुए उसे मानवधिकार न मानते हुए इस्राईल विरोधी संगठन बताते हुए कहा कि इस्राईल को नुकसान पहुँचाना ही उनका उद्देश्य है जो हमे नुकसान पहुंचते हों हम क्यों उन्हें वर्किंग वीजा दे।
मानवाधिकार आयोग ने ज़ायोनी प्रवक्ता की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस्राईल मानवाधिकार आयोग तथा दूसरे मानव सहायता समूहों को पश्चिमी तट एवं ग़ज़्ज़ा पट्टी में मानव सहायता पहुंचाने में बाधा डाल रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ज़ायोनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान को रद्द करते हुए कहा कि कभी कभी हम भी मानवधिकार आयोग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होते लेकिन यह एक संवैधानिक एवं भरोसेमंद संस्था है। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर २०१५ से अब तक ज़ायोनिस्ट सैनिकों ने फिलिस्तीनियों पर १५० से अधिक हिंसक कार्यवाही की हैं। फिलिस्तीनी नागरिक भेदभाव के शिकार हैं तथा ज़ायोनिस्ट सत्ता फिलिस्तीनी भूमि पर यहूदी कालोनियां बनाने में व्यस्त है। ..............

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