Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 185833
Date of publication : 21/2/2017 17:0
Hit : 236

आले खलीफा ने एक और बहरैनी जवान को बेरहमी से मार डाला।

२०१७ में बहरैन शासन ७ सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर चुका है बहरैन जनता १४ फरवरी २०१४ से ही राजशाही के अत्याचारों के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है ।


विलायत पोर्टल : बहरैन सिविल पुलिस ने सुरक्षाबलों के साथ नविदरात गांव पर धावा बोलकर अब्दुल्लाह नामक जवान को बन्दी बना लिया है खलीफाई सैनिक अब्दुल्लाह को कई गोलियां मारने के बाद उठा कर ले गए हैं । कुछ घंटों के बाद गृहमंत्रालय ने अब्दुल्लाह के पिता को थाने में उपस्थित होने का हुक्म दिया वहाँ पहुँचने पर उन्हें बताया गया कि उनके बेटे की मृत्यु हो गई है।
सोशल मिडिया पर आई तस्वीरों के आधार पर सुलेमानिया स्वास्थ्य केंद्र के पास भारी पुलिस बल तैनात है यहाँ शहीद अब्दुल्लाह के शव को रखा गया है। अब्दुल्लाह की मृत्यु के बाद नविदरात समेत मआमीर में आले खलीफा के अत्याचारों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।
ज्ञात रहे कि २०१७ में बहरैन शासन ७ सामाजिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर चुका है बहरैन जनता १४ फरवरी २०१४ से ही राजशाही के अत्याचारों के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है जिसे आले खलीफा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों के सहयोग से क्रूरतापूर्वक दमन करता रहा है।

 ...............
. प्रेस टीवी


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची