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Date of publication : 21/2/2017 16:51
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मैल्कम एक्स, इंसानियत के लिए लड़ने वाला अमेरिकन हीरो।

मेरी छोटी बहन का जन्म हुआ था जब गोरे लोगों ने हमारे घर पर हमला बोला । चारों तरफ आग ही आग थी और पिस्तौल लिए हुए गोरे लोगों का शोर । मैं भूल नहीं सकता किस तरह मेरी माँ अपनी नवजात बच्ची को लेकर चारों तरफ फैली भीषण आग से बचने का प्रयास कर रही थी।

विलायत पोर्टल : मैल्कम एक्स, अश्वेत अमेरिकन मुसलमानों के करिश्माई नेता। ४२ साल पहले आज ही के दिन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की मिलीभगत से एक उग्रवादी संगठन की १५ गोलियों का शिकार होकर इस दुनिया से कूच कर गए। १९ मई १९२५ को अमेरिका के निबरास्का में जन्मे मैल्कम एक्स को हाज मालिक शबाज़ के नाम से भी जाना जाता है। वह मानवाधिकार कार्यकर्त्ता तथा अश्वेत अमेरिकन मुसलमानो के नेता थे। वह काले लोगों पर गोरों के अत्याचारों के घोर आलोचक थे जिस कारण उनके विरोधी उनपर हिंसा और नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते थे। उनके पिता अर्ल लिटिल भी एक सामाजिक कार्यकर्त्ता थे वह कालों की उन्नति के लिए बनाये गए एक संगठन के प्रमुख थे। मैल्कम की बाल अवस्था में ही उनके पिता की हत्या कर दी गयी थी ७ साल बाद जब उनकी आयु १३ वर्ष थी तो उनकी माँ को मानसिक उपचार केंद्र में भर्ती होना पड़ा उसके बाद मैल्कम को अनाथालय में रहना पड़ा।
जेल में मैल्कम को मिल्लते इस्लाम नामी संगठन से जुड़ने का अवसर मिला १९५२ में जेल से आज़ादी के बाद वह मिल्लते इस्लाम के प्रवक्ता बने उनके अथक प्रयासों से भारी संख्या मे काले लोगों ने इस्लाम क़ुबूल कर के मिल्लते इस्लाम को ज्वाइन किया लेकिन मैल्कम १९६४ में मिल्लते इस्लाम से अलग हो गए। इसके बाद मैल्कम अफ्रीका और एशियाई देशों के दौरे पर गए ताकि विश्व समुदाय जान ले कि नस्लभेद और बंधुआ प्रथा केवल अमेरिका की समस्या नहीं है। इसी बीच वह हज के लिए मक्का गए जो उनकी ज़िन्दगी का यादगार लम्हा बन गया यही से उन्होंने अपना नाम बदलकर हाज मालिक शबाज़ कर लिया।
मैल्कम को अपने सुधारवादी क़दमों के लिए आलोचनाओं और हमलों का शिकार होना पड़ा एक घटना के बारे में बताते हुए वह कहते हैं मेरी छोटी बहन का जन्म हुआ था जब गोरे लोगों ने हमारे घर पर हमला बोला। चारों तरफ आग ही आग थी और पिस्तौल लिए हुए गोरे लोगों का शोर। मैं भूल नहीं सकता किस तरह मेरी माँ अपनी नवजात बच्ची को लेकर चारों तरफ फैली भीषण आग से बचने का प्रयास कर रही थी। मेरी माँ ने नग्नावस्था में अपने नवजात शिशु के साथ वह रात भय और ड़र के माहौल में आसमान के नीचे गुज़ारी। फायर बिग्रेड दल तथा पुलिस के रूप में आये गोरे भी तमाशा देखते रहे जब तक घर जल कर राख नहीं हो गया । मैल्कम पर कई जानलेवा हमले हुए जिनका आरोप मिल्लते इस्लामी के सर डालने की कोशिशें हुई। आखिरकार २१ फरवरी को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक सभा को सम्बोधित करते हुए ३ हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसाई जिसमे मानवता के लिए लड़ने वाला यह ३९ वर्षीय हीरो अपनी जान गंवा बैठा। यह जानना भी रोचक है कि बॉक्सिंग किंग मौहम्मद अली के मुस्लमान होने के पीछे मैल्कम एक्स का भी महत्वपूर्ण रोल है मौहम्मद अली जिस इस्लामी बैठक में भाग लेते थे मैल्कम उस संस्था के आध्यात्मिक पेशवा थे। रोचक है कि मौहम्मद अली का पहल इस्लामी नाम कसीयूस एक्स था जिसे बाद में उनकी संस्था प्रमुख अलीजाह मौहम्मद ने बदल कर मौहम्मद अली कर दिया था ।

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 तसनीम न्यूज़


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