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Code : 185775
Date of publication : 18/2/2017 20:22
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यूरोपीय यूनियन के नए क़ानूनों का उद्देश्य, मुसलमानों को अलग थलग करना।

अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा मीडिल ईस्ट तथा उत्तरी अफ्रीका में अनावश्यक राजनीतिक और सैनिक हस्तक्षेप दाइश जैसे आतंकवादी गुटों की उत्पत्ति का कारण है तथा सऊदी अरब जैसे देशों का हर स्तर पर समर्थन आतंक से जंग को प्रभावित करता है ।


विलायत पोर्टल :
यूरोप पार्लियामेंट के सदस्य आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए नए दिशा निर्देश के लिए बातचीत कर रहे है । कुछ सदस्य को मानना है कि आतंकवाद से मुक़ाबले के लिए यूरोप के हालिया क़ानून भी आवश्यकता से अधिक कठोर है । कुछ यूरोपीय देशों में इन नियमों का विशेष कर मुसलमान युवकों को लेकर दुरूपयोग हुआ है उनका मानना है कि ऐसे नियम लोगों को दाइश से जुड़ने के लिए उकसायेंगे।
वेल्स से यूरोपीय पार्लियामेंट मेंबर नेशान के अनुसार कट्टरवाद का कोई औचित्य नहीं है लेकिन हमे मानना होगा कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। यह विधेयक पारित होने के बाद आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के यूरोप में शिक्षा, नौकरी और यात्रा कड़ी हो जाएगी। यूरोप यूनियन के सुरक्षा अधिकारी के अनुसार इस विधेयक के बाद सूचनाओं का आदान प्रदान तथा सूचना के बाद चिह्नित व्यक्ति के खिलाफ कदम उठाना आवश्यक हो जायेगा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा मीडिल ईस्ट तथा उत्तरी अफ्रीका में अनावश्यक राजनीतिक और सैनिक हस्तक्षेप दाइश जैसे आतंकवादी गुटों की उत्पत्ति का कारण है तथा सऊदी अरब जैसे देशों का अंधा समर्थन आतंकवाद का सहायक होता है।
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