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Date of publication : 11/2/2017 19:40
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अदालत के निर्णय से हताश व निराश, अलग थलग पड़े ट्रम्प।

ट्रम्प के इस आदेश पर सिएटल की संघीय अदालत ने रोक लगा दी और अमेरिका के अपीली कोर्ट ने भी इस स्टे पर रोक लगाने सम्बन्धी ट्रम्प की याचिका को ख़ारिज कर दिया है ।

विलायत पोर्टल:
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प २७ जनवरी २०१७ में एक अध्यादेश जारी कर के ईरान, इराक,सीरिया ,लीबिया समेत ७ मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर अगले ९० दिनों तक प्रतिबन्ध लगा देते है। इस अध्यादेश के कारण १२० दिनों के लिए शरणार्थियों के प्रवेश पर भी रोक लग गयी।
लेकिन ट्रम्प के इस आदेश पर सियाटेल की संघीय अदालत ने रोक लगा दी और अमेरिका के अपीली कोर्ट ने भी इस स्टे पर रोक लगाने सम्बन्धी ट्रम्प की याचिका को ख़ारिज कर दिया है।
शुक्रवार को प्रेस टीवी से बात करते हुए अमेरिका के विस्कॉन्सिन के लेखक और राजनैतिक विश्लेषक पॉल स्ट्रीट ने संघीय अदालत के फैसले पर स्टे सम्बन्धी ट्रम्प की याचिका को अपीली कोर्ट द्वारा ठुकरा दिए जाने पर कहा कि ट्रम्प मुसलमानो के खिलाफ अपने पक्षपाती और नस्लभेदी अधयादेश पर अदालत की स्वतंत्र और न्यायसंगत कार्यवाही के कारण हताश और निराश है। ट्रम्प ने सोचा था उनका न्याय मंत्रालय, अपीलीय कोर्ट में कामयाब रहेगा और इसी घमण्ड में उन्होने ट्वीट भी क्या था कि तुम्हे अदालत में देख लूंगा राष्ट्र सुरक्षा खतरे में है।
स्ट्रीट के अनुसार ट्रम्प का दावा है कि संघीय अदालत इस केस में निर्णय करने की क्षमता नहीं रखती बल्कि यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उनके अनुसार इस मामले को सत्यापित तथा इस पर निर्णय करने का अधिकार केवल सुप्रीम कोर्ट को है ।
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 प्रेस टीवी


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