Wed - 2018 June 20
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 184785
Date of publication : 27/12/2016 18:34
Hit : 704

मूसिल अभियान को सफ़ल होने से कोई शक्ति रोक नहीं सकतीः अम्मार हकीम

इराक़ के राष्ट्रीय गठजोड़ के नेता सैय्यद अम्मार हकीम ने कहा है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज़ हैं, जिनसे साबित होता है कि क्षेत्रीय देशों के सैन्य व ख़ूफ़िया एजेंसियों के अधिकारी देश में सक्रिय हैं।

विलायत पोर्टलः इराक़ के राष्ट्रीय गठजोड़ के नेता सैय्यद अम्मार हकीम ने कहा है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज़ हैं, जिनसे साबित होता है कि क्षेत्रीय देशों के सैन्य व ख़ूफ़िया एजेंसियों के अधिकारी देश में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि मूसिल की आज़ादी के सैन्य अभियान में धीमी प्रगति के जहां कई दूसरे कारण हो सकते हैं, वहीं विदेशी ख़ूफ़िया अधिकारियों की सक्रियता भी एक महत्वपूर्ण कारण है। उल्लेखनीय है कि इराक़ी सेना और स्वयं सेवी बलों ने 17 अक्तूबर को आईएस के ख़िलाफ़ मूसिल अभियान शुरू किया था। शुरू के कुछ दिनों में इराक़ी सेना ने बहुत तेज़ी से प्रगति की और थोड़े ही समय में आईएस के क़ब्ज़े से कई महत्वपूर्ण इलाक़ों को आज़ाद करा लिया। इराक़ी सेना की इस प्रगति को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना था कि 2016 के अंत तक मूसिल आईएस के क़ब्ज़े से आज़ाद हो जाएगा और इराक़ में आईएस की शिकसत हो जाएगी। मूसिल अभियान की धीमी गति के लिए विदेशी शक्तियों का हस्तक्षेप, विशेष रूप से अमेरीकी हस्तक्षेप को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है। अमेरीका और उसके घटक आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई के बहाने, उसे हथियार और सैन्य उपकरण उपलब्ध करा रहे हैं। अम्मार हकीम का कहना है कि आतंकवाद के समर्थन कुछ देशों के अधिकारी मूसिल और दूसरे इलाक़ों में तकफ़ीरी आतंकवादियों को लड़ाई में गाइड कर रहे हैं। यहां यह सवाल उठता है कि अमेरीका, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देश क्यों इराक़ में आईएस का समर्थन कर रहे हैं और मूसिल की आज़ादी में रुकावटें पैदा कर रहे हैं। इसका साफ़ जवाब यह है कि इराक़ में एक शक्तिशाली सरकार, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देशों के हित में नहीं है। दूसरी ओर यह देश इराक़ में आतंकवादी गुटों के ख़िलाफ़, स्वयं सेवी बलों की भूमिका से भी भयभीत हैं। सीरिया में आतंकवाद के ख़िलाफ़ स्वयं सेवी बलों की भूमिका ने भी आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के सपनों पर पानी फेर दिया है। इसलिए कहा जा सकता है कि मूसिल अभियान कुछ रुकावटों के कारण, धीमा पड़ सकता है, लेकिन इसे सफ़ल होने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।
.................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :