Thursday - 2018 Oct 18
Languages
Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 184746
Date of publication : 24/12/2016 18:37
Hit : 239

पश्चिमी मीडिया द्वारा ‘इस्लामी आतंकवाद’ ‘चरमपंथी इस्लाम’ और ‘इस्लामी स्टेट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल, इस्लाम के ख़िलाफ़ प्रोपगंडे का हिस्सा हैः हसन नस्रुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव हसन नसरुल्लाह ने कहा कि कुछ पश्चिमी मीडिया द्वारा ‘इस्लामी सरकार’, ‘चरमपंथी इस्लाम’, ‘इस्लामी चरमपंथी गुट’ और ‘इस्लामी आतंकवाद’ जैसी शब्दावली का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि यह प्रोपगंडा इस्लाम के ख़िलाफ़ चाल का हिस्सा है।
विलायत पोर्टलः लेबनान के हिज़्बुल्लाह आंदोलन के महासचिव हसन नसरुल्लाह ने कहा कि कुछ पश्चिमी मीडिया द्वारा ‘इस्लामी सरकार’, ‘चरमपंथी इस्लाम’, ‘इस्लामी चरमपंथी गुट’ और ‘इस्लामी आतंकवाद’ जैसी शब्दावली का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि यह प्रोपगंडा इस्लाम के ख़िलाफ़ चाल का हिस्सा है। हसन नसरुल्लाह ने शुक्रवार को दक्षिणी बैरूत के ज़ाहिया इलाक़े में सय्यदुश शोहदा कॉम्पलेक्स में एक समारोह में कहा कि इतिहास में कभी भी इस्लाम की छवि को इतनी धूमिल करने की कोशिश नहीं हुयी जितनी पिछले कुछ साल में की गई। हालिया सालो में विश्व स्तर पर इस्लाम के संबंध में व्यवहार और इस्लाम की वर्चस्ववाद को नकारने पर आधारित शिक्षाओं के कारण पश्चिमी सरकारें इस्लाम के ख़िलाफ़ साज़िश रच रही हैं क्योंकि पश्चिम अपनी वर्चस्ववादी नीतियों के रास्ते में इस्लाम को रुकावट समझता है। इसलिए वर्चस्ववादी शक्तियां क्षेत्र की जनता की इस्लामी आस्था को लक्ष्य बना रही हैं ताकि इन आस्थाओं को हाशिए पर ढकेल कर मुसलमानों को कुछ सीमा तक अपनी वर्चस्ववादी नीतियों को क़बूल करने के लिए तय्यार कर सकें। यह बिन्दु भी अहम है कि क्षेत्र में जारी इस्लामी जागरुकता की लहर ने अमेरीका और ज़ायोनी शासन के क्षेत्रीय समीकरण को उलट दिया और साथ ही इस्लामी प्रतिरोध की सफलताओं ने अमेरीकी षड्यंत्र को नाकाम बना दिया है। ऐसे हालात में अमेरीकी अधिकारी क्षेत्र की जनता की क्रान्तियों को उसके मार्ग से हटा कर अपने हित साधने की कोशिश कर रहे हैं। अरब देशों और ख़ास तौर पर इराक़ में तकफ़ीरियों व सलफ़ियों की बढ़ती गतिविधियों से इस स्थिति की पुष्टि होती है। लेकिन जैसा कि हसन नसरुल्लाह ने ज़ोर दिया कि जिस प्रकार ज़ायोनी शासन प्रतिरोध और क्षेत्र की जनता की एकता से मुसलमानों व इस्लामी देशों के ख़िलाफ़ अपनी नीति को आगे बढ़ाने में नाकाम रहा है, तकफ़ीरी प्रक्रिया भी नाकाम होकर रहेगी। सीरिया और लेबनान में तकफ़ीरियों की नाकामी और इन तत्वों के सफ़ाए के लिए इराक़ सरकार व राष्ट्र का संकल्प यह दर्शाता है कि धर्म के नाम पर हिंसक व चरमपंथी प्रक्रिया का पश्चिमी एशिया की जनता के बीच कोई आधार नहीं है।
....................
तेहरान रेडियो


आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :