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Code : 184725
Date of publication : 22/12/2016 19:23
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ईरान और रूस ने सीरिया की स्वाधीनता और संप्रभुता के समर्थन का किया ऐलान।

ईरान, रूस और तुर्की के विदेशमंत्रियों ने मॉस्को में त्रिपक्षीय बैठक की समाप्ति पर एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की जिसमें बहुजातीय, कई धर्मीय, गैर सांप्रदायिक और लोकतांत्रिक सरकार के रूप में सीरिया की स्वाधीनता और संप्रभुता के समर्थन का ऐलान किया।
विलायत पोर्टलः कुछ पश्चिमी और क्षेत्र के अरब देश सीरिया में आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहे हैं जो सीरिया में शांति व सुरक्षा की स्थापना की दिशा में गम्भीर रुकावट है। ईरान, रूस और तुर्की के विदेशमंत्रियों ने मॉस्को में त्रिपक्षीय बैठक की समाप्ति पर एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी की जिसमें बहुजातीय, कई धर्मीय, गैर सांप्रदायिक और लोकतांत्रिक सरकार के रूप में सीरिया की स्वाधीनता और संप्रभुता के समर्थन का ऐलान किया। मोहम्मद जवाद ज़रीफ़, सरगेई लावरोफ और मौलूद चाऊश ओग़लू ने मॉस्को में 20 दिसंबर को त्रिपक्षीय बैठक की समाप्ति पर स्पष्ट किया कि तीनों देश इस बात पर सहमत हैं कि सीरिया संकट का सैनिक समाधान नहीं है और संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव नंबर 2254 के अनुसार सीरिया संकट के समाधान के लिए किये जाने वाले प्रयासों का समर्थन करते हैं। इसी प्रकार मॉस्को में त्रिपक्षीय बैठक की समाप्ति पर जारी होने वाली विज्ञप्ति में आतंकवादी गुट आईएस और नुस्रा फ्रंट से मुकाबले और इसी तरह इन गुटों और सीरिया के विद्रोही गुटों के मध्य अंतर किए जाने पर ज़ोर दिया गया है। यह विज्ञप्ति सीरिया संकट के समाधान के लिए होने वाले महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर सहमति की सूचक है। साथ ही कुछ पश्चिमी और क्षेत्र के अरब देश सीरिया में आतंकवादी गुटों का समर्थन कर रहे हैं जो सीरिया में शांति व सुरक्षा की स्थापना की दिशा में गम्भीर रुकावट है। इस आधार पर सीरिया संकट में प्रभावी भूमिका निभाने वाले देश जब तक आतंकवाद को समूल नष्ट करने के लिए पारदर्शी ढंग से सहकारिता नहीं करेंगे तब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा। तुर्की में हालिया आतंकवादी कार्यवाही और इस देश में रूसी राजदूत की हत्या ने दर्शा दिया कि कुछ तत्व सीरिया के समीकरणों के बदलने और हलब नगर के आज़ाद होने से पहले की स्थिति लाने की चेष्टा में हैं परंतु अब सीरिया में आईएस और दूसरे आतंकवादी गुटों के आपस में मिलाप की महत्वपूर्ण कड़ी समाप्त हो गई है। सीरिया संकट से जुड़े कुछ पक्षों के व्यवहार, जो सीरिया में स्वयं को परास्त देख रहे हैं, उनके क्रोध के सूचक हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि सीरिया संकट का समाधान केवल ईरान, रूस और तुर्की की उपस्थिति से नहीं हो सकता बल्कि इस संबंध में क्षेत्र के दूसरे देशों, यूरोपीय संघ और अमेरिका को भी पारदर्शी भूमिका निभानी चाहिये और इस स्थिति में मॉस्को विज्ञप्ति अगले प्रयासों के लिए भूमिका हो सकती है।
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तेहरान रेडियो


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