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Date of publication : 22/12/2016 18:41
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अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में रूस भी अमेरिका पर लगाए गए प्रतिबंधों में वृद्धि करेगा।

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों और इस देश के साइबर हमले में रूस के हस्तक्षेप को लेकर वाशिंग्टन और मॉस्को के बीच तनाव जारी है।

विलायत पोर्टलः अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनावों और इस देश के साइबर हमले में रूस के हस्तक्षेप को लेकर वाशिंग्टन और मॉस्को के बीच तनाव जारी है। इसी बीच अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने यूक्रेन संकट के बहाने रूस के विरुद्ध अधिक प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी वित्तमंत्रालय ने यूक्रेन संकट में मॉस्को के हस्तक्षेप का दावा किया और वित्तमंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में उन 26 कंपनियों और रूसी बैंकों के नामों को दोहराने के साथ, जिन पर पहले ही प्रतिबंध लगाया गया था, नये नामों की तरफ़ भी इशारा किया गया है। अमेरिकी वित्तमंत्रालय की नई सूची में सात अधिकारियों, आठ कंमनियों, संस्थाओं और दो रूसी जहाज़ों के नामों की वृद्धि की गई है। वर्ष 2014 में यूक्रेन से अलग होकर क्रीमिया प्रायद्वीप का विलय रूस में हो गया था जिसके बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने मॉस्को पर प्रतिबंध लगा दिया। मॉस्को ने ऐलान किया था कि क्रिमिया प्रायद्वीप को सोवियत संघ के काल में यूक्रेन को दे दिया गया था और उसके पश्चात उसका विलय फिर रूसी फेडरेशन में हो गया। मॉस्को ने अमेरिकी वित्तमंत्रालय की ओर से लगाये जाने वाले इन प्रतिबंधों को समाप्त होने वाली ओबामा सरकार की शत्रुतापूर्ण कार्यवाही का नाम दिया है और कहा है कि इसके जवाब में रूस भी अमेरिका के विरुद्ध अपने प्रतिबंधों की सूची में वृद्धि करेगा। इन प्रतिबंधों की घोषणा उस समय की गई है जब एक महीने बाद बराक ओबामा सत्ता की बागडोर नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हवाले करेंगे और मानवाधिकार, यूक्रेन और सीरिया के मामले को लेकर रूस और अमेरिका के बीच गहरे मतभेद रहे हैं परंतु चूंकि डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के साथ सहकारिता की बात की है इसके दृष्टिगत रूस को नये दौर में मॉस्को- वाशिंग्टन संबंधों के बेहतर होने की अपेक्षा है। बहरहाल रूस वह देश नहीं है जो विश्व विशेषकर पूर्वी यूरोप में होने वाले परिवर्तनों से लापरवाह रहे और कुछ न करे। साथ ही रूस एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति है जो यूरोप सहित बाहरी क्षेत्रों में भी अपने हितों की पूर्ति की कोशिश में है जो वाशिंग्टन के हितों से विरोधाभास रखते हैं।
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तेहरान रेडियो


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