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Date of publication : 19/12/2016 17:27
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अमेरिका द्वारा परमाणु समझौते का उल्लंघन परमाणु ऊर्जा की अंतर्राष्ट्रीय एजेन्सी की अविश्वसनीयता का कारण बन सकता है।

जो बातें परमाणु समझौते में लिखित चीज़ों से मेल नहीं खाती हैं ईरान उन बातों को परमाणु समझौते का उल्लंघन समझता है।
विलायत पोर्टलः विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ ने परमाणु समझौते की समन्वयकर्ता समिति के नाम एक पत्र लिखकर मांग की है कि ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध की अवधि बढ़ाए जाने के संबंध में अमेरिका की जो हालिया कार्यवाही है उसके संबंध में समन्वयकर्ता समिति की बैठक का आह्वान किया है। जवाद ज़रीफ ने परमाणु समझौते की समन्वयकर्ता समिति की संयोजक फेड्रीका मोगरीनी को 17 दिसंबर को एक पत्र भेजा जिसमें अमेरिका द्वारा अपने वचनों के उल्लंघन की ओर इशारा किया और मोगरीनी से मांग की है कि वह परमाणु समझौते से संबंधित पक्षों को आवश्यक सूचना देने के साथ परमाणु समझौते की समन्वयकर्ता समिति की बैठक के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। फेड्रीका मोगरीनी यूरोपीय संघ की विदेश नीति आयुक्त के साथ परमाणु समझौते की समन्वयकर्ता समिति की भी जिम्मेदार हैं। ईरान ने गत डेढ़ साल के दौरान परमाणु समझौते के संबंध में अपने सभी वचनों का पालन किया है। इस आधार पर जो बातें परमाणु समझौते में लिखित चीज़ों से मेल नहीं खाती हैं ईरान उन बातों को परमाणु समझौते का उल्लंघन समझता है। विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने फेड्रीका मोगरीनी के नाम जो पत्र लिखा है उसमें भी समस्त पक्षों से पूर्ण व सूक्ष्म रूप से परमाणु समझौते के प्रति कटिबद्ध रहने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। बहरहाल जो चीज़ निश्चित है वह यह है कि ईरान ने विश्व वासियों को यह दर्शा दिया है कि वह वार्ता का पक्षधर है परंतु विश्वास बहाल करने के लिए दोनों ओर से कदम उठाए जाने की जरूरत है। फेड्रीका मोगरीनी के नाम विदेशमंत्री के पत्र को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। अमेरिका और दूसरे पक्षों की ओर से परमाणु समझौते का उल्लंघन परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी की अविश्वसनीयता का भी कारण बनेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रमुख अली अकबर सालेही ने परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक को परमाणु समझौते का पालन करने के संबंध में और ईरानी अधिकारियों से वार्ता के उद्देश्य से तेहरान बुलाया है और वे 18 दिसंबर को तेहरान पहुंचे हैं। ज्ञात रहे कि एजेन्सी परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी कर रही है और इस बात की ओर उसका ध्यान होना चाहिये कि ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध परमाणु समझौते का उल्लंघन है और परमाणु तकनीक से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए लाभ उठाने हेतु ईरान के अवसर को आघात पहुंच रहा है और इस संबंध में उसे उत्तर देना चाहिए।
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तेहरान रेडियो


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