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Code : 184549
Date of publication : 11/12/2016 18:57
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इस्तांबोल में भीषण बम विस्फोट, 170 घायल कई की मौत।

तुर्की के गृहमंत्री सुलैमान सोवैलो ने कहा है कि इस्तांबोल में होने वाले दोनों विस्फोटों में मरने वाले व्यक्तियों की 38 हो गई है जिनमें 27 पुलिस अफसर हैं।

विलायत पोर्टलः तुर्की के गृहमंत्री सुलैमान सोवैलो ने कहा है कि इस्तांबोल में होने वाले दोनों विस्फोटों में मरने वाले व्यक्तियों की 38 हो गई है जिनमें 27 पुलिस अफसर हैं। इसी तरह इन विस्फोटों में घायल होने वाले व्यक्तियों की संख्या अब तक 170 बतायी गई है। 11 दिसंबर को इस्तांबोल में होने वाले आतंकवादी हमलों व विस्फोटों के बाद सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है। अभी तक किसी भी गुट ने इन आतंकवादी विस्फोटों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। इसके बावजूद तुर्क अधिकारियों ने इसके लिए अपने विरोधियों को जिम्मेदार बताया है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि विश्व के जिस कोने में भी आतंकवादी हमला व विस्फोट हो, वह भर्त्सनीय है और बहुत कठिन है कि आतंकवादी इस प्रकार की कार्यवाहियों से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लें। इसके बावजूद देखना चाहिये कि इस प्रकार के विस्फोटों और लोगों की हत्या के मूल कारण क्या हैं? और तुर्की को क्यों आतंकवादी कार्यवाहियों से उत्पन्न समस्याओं का सामना है? इन घटनाओं पर दृष्टि व उनकी समीक्षा इस बात की सूचक है कि तुर्की की सत्ताधारी पार्टी की नीतियों ने एक दशक से अधिक समय से देश के भीतर और बाहर इस तरह की निंदनीय कार्यवाहियों के लिए भूमि प्रशस्त कर दी है। वास्तव में प्रतीत यह हो रहा है कि तुर्की की सत्ताधारी जस्टिस एंड डेवलप्मेंट पार्टी की नीति इस प्रकार की रही है कि देश के भीतर और क्षेत्रीय स्तर पर लोग उसके शत्रु बन जायें। वर्तमान समय में तुर्की की सरकार को देश के भीतर कई मूलभूत समस्याओं का सामना है जैसे पीकेके साथ लड़ाई और तुर्की सरकार की यह लड़ाई, कुर्द अर्ध सैनिकों और तुर्क सैनिकों की हत्या के जारी रहने का कारण बनी है। आंतरिक समस्याओं के अलावा क्षेत्रीय स्तर पर भी तुर्की को कुछ समस्याओं का सामना है। तुर्की द्वारा अपने पड़ोसी देशों में सैनिक कार्यवाहियों को क्षेत्रीय स्तर पर अंकारा के लिए समस्या का नाम दिया जा सकता है। दमिश्क और बगदाद की निरंतर आपत्ति के बावजूद तुर्की की सेना ने सीरिया और इराक के कुछ भागों पर अतिग्रहण कर रखा है। इराक और सीरिया की आपत्तियों की प्रतिक्रिया में तुर्की के राष्ट्रपति ने दोनों देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता व स्वतंत्रता का इंकार कर दिया है। उदाहरण स्वरूप इराक की आपत्ति की प्रतिक्रिया में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोगान ने कहा है कि मौसिल तुकी का इतिहासिक और उनका पैतृक नगर है। बहरहाल इन वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर अंकारा की समस्याओं के मूल कारणों को समझा जा सकता है।
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तेहरान रेडियो


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