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Code : 184534
Date of publication : 10/12/2016 19:47
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ब्रिटेन, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र में सऊदी अरब का समर्थन करेगा।

सऊदी अरब के जद्दा नगर में इस देश के विदेशमंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में ब्रिटेन के विदेशमंत्री ने दावा किया कि ईरान के साथ परमाणु समझौते का यह अर्थ नहीं है कि जो कुछ ईरान में हो रहा है और जो कुछ ईरान अंजाम दे रहा है ब्रिटेन उससे अपनी आंखे मूंद लेगा।
विलायत पोर्टलः सऊदी अरब के जद्दा नगर में इस देश के विदेशमंत्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में ब्रिटेन के विदेशमंत्री ने दावा किया कि ईरान के साथ परमाणु समझौते का यह अर्थ नहीं है कि जो कुछ ईरान में हो रहा है और जो कुछ ईरान अंजाम दे रहा है ब्रिटेन उससे अपनी आंखे मूंद लेगा। फ्लिप हेमंड ने इसी प्रकार दावा किया कि सऊदी अरब की उनकी यात्रा शांति व सुरक्षा स्थापित करने और क्षेत्रीय राष्ट्रों के विकास के परिप्रेक्ष्य में हुई है। ब्रिटेन के विदेशमंत्री ने इसी प्रकार क्षेत्र में अपने घटकों के समर्थन पर बल दिया और कहा कि यह समर्थन केवल रक्षा के पारम्परिक समर्थन तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र भी इसमें शामिल होंगे। फ्लिप हेमंड के बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहे हैं जब सऊदी अरब के प्रति ब्रिटेन का सामरिक व राजनीतिक समर्थन और इसी प्रकार सऊदी अरब में मानवाधिकारों के हनन पर लंदन की चुप्पी किसी से छिपी नहीं है और यह ज्ञात नहीं है कि शांति, सुरक्षा और विस्तार में सऊदी अरब का साथ देने से उनका तात्पर्य क्या है? क्योंकि ब्रिटेन की नीति ठीक इसके बिल्कुल विरुद्ध है। ब्रिटेन द्वारा जायोनी शासन के समर्थन और मध्य पूर्व के विभाजन पर आधारित उसकी नीति के प्रभावों व परिणामों को आज भी देखा जा सकता है। आतंकवादी गुटों द्वारा क्षेत्र में उत्पन्न की समस्यायें व संकट इसी नीति के परिणाम हैं और रोचक बात यह है कि आतंकवादी गुटों को अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और क्षेत्र के कुछ दूसरे देशों का समर्थन प्राप्त है और यह समर्थन इस वास्तविकता का सूचक है कि कल के साम्राज्यवादी आज भी क्षेत्र में अपने साम्राज्यवादी हितों की रक्षा और फूट डालने की अपनी नीति को लागू करने की जुगत में हैं। बहरहाल आज मध्यपूर्व में जो कुछ हो रहा है वह क्षेत्र में पश्चिम की वर्चस्ववादी और हस्तक्षेप पर आधारित नीति का परिणाम है और जब तक सऊदी अरब जैसे देश तेल से होने वाली आमदनी का ख़र्च हथियारों की ख़रीदारी पर करेंगे स्पष्ट है कि ब्रिटेन उसका समर्थक रहेगा।
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तेहरान रेडियो


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