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Date of publication : 14/8/2016 11:37
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इमाम रेज़ा अ. की इमामत

दाऊद रिक़्क़ी कहते हैं: मैंने इमाम मूसा काज़िम अ. से पूछाः आपके बाद इमाम कौन है? इमाम काज़िम अ. ने अपने बेटे अबुल हसन अल-रेज़ा की ओर इशारा किया और कहा: मेरे बाद तुम्हारे इमाम यह हैं।


विलायत पोर्टलः इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम के बाद आपकी इमामत शुरू हुई और 20 साल सन 183 हिजरी से सन 203 तक जारी रही, उस समयहारून की खिलाफ़त का दौर था। आपकी इमामत के दौरान अमीन अब्बासी ने तीन साल और 25 दिन हुकूमत की जिसके बाद इब्राहीम इब्ने महदी अब्बासी उर्फ़ इब्ने शिकला ने 14 दिन हुकूमत की जिसके बाद अमीन अब्बासी ने एक बार फिर हुकूंमत की बागडोर अपने हाथों में ले ली और एक साल और सात महीने सत्ता पर काबिज़ रहा। इमाम अ. की इमामत के अंतिम 5 साल मामून अब्बासी की खिलाफ़त में गुजरे।
आपकी इमामत की दलीलें
बहुत सारे लोगों ने इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम से इमाम रज़ा अ. की इमामत के बारे में हदीसें बयान की हैं जिनमें से कुछ के नाम यह हैं: दाऊद इब्ने कसीर, मोहम्मद इब्ने इसहाक़ इब्ने अम्मार, अली इब्ने यक़तीन, नईम अलक़ाबूसी, हुसैन इब्ने मुख़तार, ज़ियाद इब्ने मरवान, अबू अय्यूब अलमख़ज़ूमी, दाऊद इब्ने सुलेमान, नस्र इब्ने क़ाबूस, दाऊद इब्ने ज़र्बी आदि..।
इस सम्बंध में कुछ हदीसों:
दाऊद रिक़्क़ी कहते हैं: मैंने इमाम मूसा काज़िम अ. से पूछाः आपके बाद इमाम कौन है? इमाम काज़िम अ. ने अपने बेटे अबुल हसन अल-रेज़ा की ओर इशारा किया और कहा: मेरे बाद तुम्हारे इमाम यह हैं।
मुहम्मद इब्ने इसहाक़ इब्ने अम्मार कहते हैं: मैंने इमाम काज़िम अ. से पूछा: क्या आप मेरा मार्गदर्शन करेंगे कि मैं अपने धार्मिक मामलों में किससे सम्पर्क करूँ? इमाम अ. ने फ़रमाया: यह मेरा बेटा, अली हैं ..।
इसके अलावा पैग़म्बरे इस्लाम स. से बहुत सारी हदीसें बयान हुई हैं जिनमें 12 इमामों के नाम बयान हुए हैं और यह हदीसें इमाम अली रेज़ा अलैहिस्सलाम सहित सभी इमामों की इमामत व ख़िलाफ़त व विलायत की पुष्टि करती हैं।
जाबिर इब्ने अब्दुल्लाह कहते हैं कि सूरए निसा की आयत 59 (اطیعوا اللہ واطیعوا الرسول و اولی الامر منکم) नाज़िल हुई तो रसूलुल्लाह स. ने 12 इमामों के नाम बताए जिनका अनुसरण इस आयत के अनुसार वाजिब है और वह उलिल अम्र हैं।
इमाम अली अ. से रिवायत है कि उम्मे सलमा के घर में सूरए अहज़ाब की आयत 33 (انما یرید الله لیذهب عنکم الرجس اهل البیت و یطهرکم تطهیرا) नाज़िल हुई तो पैग़म्बर ने बारह इमामों के नाम बयान किए कि यह आयत उन लोगों के लिए है। इब्ने अब्बास ने बयान किया है कि नअसल नामक यहूदी ने पैग़म्बर स. के उत्तराधिकारियों के नाम पूछे तो आपने बारह इमामों के नाम बताए।
इन हदीसों के अलावा, इमाम रेज़ा अ. अपने ज़माने के शियों के बीच इमामत के लिए लोकप्रिय भी थे और इल्म और नैतिकता में अपने परिवार के सदस्यों की तरह उम्मत पर बरतरी रखते थे और यह गुण और विशेषताएं भी आपकी इमामत का सबूत हैं। जबकि इमाम मूसा काज़िम अलैहिस्सलाम की ज़िंदगी के अंतिम दिनों में इमामत का मुद्दा काफी हद तक जटिल हो चुका था लेकिन इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम के अक्सर सहाबियों और अनुयायियों ने इमाम रेज़ा अलैहिस्सलाम की इमामत को इमाम काज़िम की तरफ़ से तस्लीम ककर लिया।


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